ग्रामीण विकास को नई गति: मुख्य सचिव ने REAP के ₹677.75 करोड़ के बजट को दी मंजूरी, 2.5 लाख ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य

देहरादून | 24 फरवरी, 2026

उत्तराखण्ड के ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक सशक्तिकरण और स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ाने के उद्देश्य से मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में ग्रामीण वेग वृद्धि परियोजना (REAP) की उच्चाधिकार एवं मार्गदर्शन समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु ₹677.75 करोड़ की वार्षिक कार्ययोजना एवं बजट को औपचारिक अनुमोदन प्रदान किया गया।

2.5 लाख ‘लखपति दीदी’ बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य

बैठक का मुख्य केंद्र महिला सशक्तिकरण रहा। मुख्य सचिव ने वर्ष 2026-27 के लिए राज्य की 2.5 लाख महिलाओं को ‘लखपति दीदी’बनाने का बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने निर्देश दिए कि इन महिलाओं को केवल REAP ही नहीं, बल्कि केंद्र और राज्य सरकार की अन्य योजनाओं से भी जोड़कर उनका ‘कन्वर्जेंस’ सुनिश्चित किया जाए, ताकि उनकी आय में स्थायी वृद्धि हो सके।

अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष (2026) पर विशेष फोकस

चूंकि वर्ष 2026 को ‘अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है, मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि महिला किसानों को विशेष वित्तीय, तकनीकी और संस्थागत प्रोत्साहन उपलब्ध कराने के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए।

  • समन्वय बैठकें: सभी जनपदों में स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के साथ सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं के समाधान हेतु रणनीति बनाई जाएगी।

  • रणनीति: समान कार्य करने वाले महिला समूहों की पहचान कर उन्हें बड़े पैमाने पर स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा।

ग्रोथ सेंटर्स और ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ का एकीकरण

मुख्य सचिव ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित ग्रोथ सेंटर्स के उपयोग को लेकर सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे ग्रोथ सेंटर जिनका समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है, उन्हें ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड के साथ एकीकृत किया जाए। इससे स्थानीय उत्पादों को बेहतर मार्केटिंग और अंतरराष्ट्रीय मंच मिल सकेगा।

बजट और कार्ययोजना के मुख्य बिंदु

बैठक में सचिव श्री डी.एस. गर्ब्याल द्वारा प्रस्तुत की गई कार्ययोजना में निम्नलिखित क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है:

  • स्वरोजगार और आय सृजन: स्थानीय संसाधनों के विकास पर आधारित उद्योगों को प्रोत्साहन।

  • कृषि एवं सहायक गतिविधियां: ग्रामीण परिवारों के जीवन स्तर में सुधार के लिए कृषि और पशुपालन से जुड़ी नवीन परियोजनाएं।

  • कन्वर्जेंस: विभिन्न विभागों की योजनाओं को एक साथ मिलाकर लाभार्थियों को अधिकतम लाभ पहुँचाना।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण परिवारों के सतत विकास के लिए ‘गहन होमवर्क’ किया जाए और यह सुनिश्चित हो कि विकास पहलों का लाभ वास्तव में जमीनी स्तर पर हर पात्र परिवार तक पहुँचे।

बैठक में उपस्थित अधिकारी

बैठक में अपर सचिव श्री गिरधारी सिंह रावत, श्री नवनीत पांडेय, झरना कमठान सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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