देहरादून | मुख्य सेवक सदन उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज सीमा सुरक्षा के प्रहरियों और राष्ट्र के रक्षकों का उत्साहवर्धन किया। अर्पित फाउंडेशन द्वारा आयोजित ‘प्राइड मूवमेंट सम्मान समारोह’ में मुख्यमंत्री ने सशस्त्र सीमा बल (SSB) के अधिकारियों एवं जवानों को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं और अदम्य साहस के लिए सम्मानित किया।
SSB: छह दशकों से सुरक्षा का अटूट स्तंभ
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने पिछले 60 वर्षों में न केवल देश की सीमाओं की रक्षा की है, बल्कि आंतरिक सुरक्षा, आतंकवाद और नक्सलवाद के खिलाफ जंग में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
“SSB के जवान जहां एक ओर सीमाओं पर अडिग खड़े हैं, वहीं आपदा प्रबंधन और सामाजिक सरोकारों में भी उनका योगदान मिसाल है।” — पुष्कर सिंह धामी
सैनिक कल्याण के लिए ऐतिहासिक निर्णय
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान राज्य सरकार द्वारा सैनिकों और अर्धसैनिक बलों के परिवारों के लिए लिए गए बड़े फैसलों को साझा किया। उन्होंने बताया कि सरकार ‘सैन्य धाम’ की परिकल्पना को धरातल पर उतार रही है।
-
अनुग्रह राशि में 5 गुना वृद्धि: शहीदों के परिजनों को मिलने वाली आर्थिक सहायता को ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹50 लाख कर दिया गया है।
-
वीरता पदक: वीरता पदक से अलंकृत जवानों की सम्मान राशि में भी भारी बढ़ोतरी की गई है।
-
नौकरी का प्रावधान: शहीद के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की प्रक्रिया को और सरल बनाया गया है।
आत्मनिर्भर भारत और ‘ऑपरेशन सिंदूर’
रक्षा क्षेत्र में भारत की बढ़ती ताकत का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अब रक्षा सामग्री का आयातक नहीं, बल्कि निर्यातक बन गया है। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उदाहरण देते हुए कहा कि आज दुनिया भारत के स्वदेशी हथियारों की ताकत को लोहा मान रही है।
वाइब्रेंट विलेज: सीमांत गांवों का नया उदय
मुख्यमंत्री ने ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अब सीमावर्ती गांव देश के ‘अंतिम’ नहीं बल्कि ‘पहले’ गांव के रूप में विकसित हो रहे हैं।
-
सीमांत क्षेत्रों में सड़कों का व्यापक नेटवर्क तैयार हो रहा है।
-
पर्यटन और सामरिक विकास के जरिए पलायन को रोकने के ठोस प्रयास जारी हैं।
गरिमामयी उपस्थिति
इस कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री श्री सुबोध उनियाल, राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल, स्वामी कैलाशानन्द जी महाराज, SSB के DIG श्री सुधांशु नौटियाल और अर्पित फाउंडेशन की श्रीमती हनी पाठक समेत कई गणमान्य नागरिक और सुरक्षा बल के जवान मौजूद रहे।
