देहरादून | 03 जनवरी 2026 उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को स्पष्ट संदेश दिया कि सरकार का काम केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ जनता तक पहुँचाना है। रायपुर ब्लॉक के खैरीमान सिंह में आयोजित न्याय पंचायत स्तरीय शिविर में अचानक पहुँचकर मुख्यमंत्री ने ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के तहत हो रहे जन-समस्याओं के निस्तारण की जमीनी पड़ताल की।
दहलीज पर न्याय: सीएम ने स्टॉलों पर जाकर परखी व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने शिविर में लगे विभिन्न सरकारी विभागों के स्टॉलों का स्वयं निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद ग्रामीणों से सीधे संवाद कर यह जानने का प्रयास किया कि उन्हें प्रमाण पत्र बनवाने या पेंशन जैसी सेवाओं के लिए किसी बाधा का सामना तो नहीं करना पड़ रहा है।
“शासन का उद्देश्य अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को सशक्त बनाना है। यह अभियान प्रशासनिक तंत्र की जवाबदेही और जनता के विश्वास का संगम है।” — श्री पुष्कर सिंह धामी
शिविर की मुख्य उपलब्धियां
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सशक्तीकरण: मुख्यमंत्री के हाथों 102 दिव्यांगजनों एवं वृद्धजनों को सहायक उपकरण प्रदान किए गए।
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त्वरित निस्तारण: मौके पर प्राप्त शिकायतों का तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए गए।
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बहुद्देश्यीय सेवा: स्वास्थ्य, राजस्व, समाज कल्याण और कृषि जैसे विभागों ने एक ही छत के नीचे सेवाएं प्रदान कीं।
अधिकारियों को दो टूक: “लंबित न रहें जन-समस्याएं”
मुख्यमंत्री ने शिविर में उपस्थित अधिकारियों को सख्त लहजे में हिदायत दी कि किसी भी आवेदन या शिकायत को बेवजह लंबित न रखा जाए। उन्होंने कहा कि:
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प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और गति अनिवार्य है।
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अधिकारी पूरी संवेदनशीलता के साथ जनता की समस्याओं को सुनें।
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अभियान का फीडबैक सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) द्वारा मॉनिटर किया जा रहा है।
गरिमामयी उपस्थिति
निरीक्षण के दौरान विधायक श्री उमेश शर्मा ‘काऊ’, ब्लॉक प्रमुख सरोजिनी जवाड़ी और जिला पंचायत सदस्य श्री वीर सिंह चौहान के साथ मुख्य विकास अधिकारी श्री अभिनव शाह व अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
