उत्तराखंड में नहीं होगी ईंधन की किल्लत: प्रमुख सचिव ने की समीक्षा, पैनिक बुकिंग न करने की अपील

भराड़ीसैंण/देहरादून: वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों और सोशल मीडिया पर फैली भ्रामक सूचनाओं के बीच उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश की खाद्य एवं ईंधन आपूर्ति व्यवस्था को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। प्रमुख सचिव (खाद्य) एल. फैनई ने भराड़ीसैंण विधानसभा भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारियों, जिला पूर्ति अधिकारियों (DSO) और तीनों तेल कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) के अधिकारियों के साथ आपातकालीन समीक्षा बैठक की।

भ्रामक सूचनाओं से बढ़ी ‘पैनिक बुकिंग’

बैठक के दौरान तेल कंपनियों के अधिकारियों ने एक चौंकाने वाला तथ्य साझा किया। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित गलत सूचनाओं के कारण लोग घबराकर जरूरत से ज्यादा बुकिंग (Panic Booking) कर रहे हैं।

  • बढ़ा दबाव: अकेले IOCL (इंडियन ऑयल) के पास पिछले 3-4 दिनों में लगभग एक लाख सिलेंडरों की बुकिंग आई है।

  • सच्चाई: अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि राज्य में घरेलू गैस का स्टॉक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और पैनिक होने की बिल्कुल भी आवश्यकता नहीं है।

कालाबाजारी के खिलाफ ‘स्ट्राइक’: 460 निरीक्षण और गिरफ्तारियां

बैठक में सभी जिलाधिकारियों ने अपने जनपदों में स्टॉक की उपलब्धता की पुष्टि की। साथ ही, पिछले चार दिनों में जमाखोरी और अवैध रिफिलिंग रोकने के लिए की गई कार्रवाई का ब्योरा भी पेश किया गया:

प्रवर्तन कार्रवाई (विगत 4 दिन) आंकड़े
कुल निरीक्षण 460
छापेमारी के स्थान 78
दर्ज एफआईआर (FIR) 04
गिरफ्तारी 01
जब्त सामग्री 74 सिलेंडर, 01 कांटा, 02 रिफिलिंग किट

प्रमुख सचिव के सख्त निर्देश

प्रमुख सचिव एल. फैनई ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों को निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किए:

  1. निरंतर समीक्षा: सभी संबंधित अधिकारी गैस की आपूर्ति और स्टॉक की प्रतिदिन समीक्षा करें।

  2. कठोर कार्रवाई: जमाखोरी, कालाबाजारी और अवैध रिफिलिंग करने वालों के खिलाफ ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम’ के तहत कड़ी कार्रवाई जारी रखी जाए।

  3. समन्वय: तेल कंपनियां और जिला पूर्ति अधिकारी निरंतर संपर्क में रहें ताकि किसी भी क्षेत्र में आपूर्ति बाधित न हो।

आम जनता के लिए संदेश

सरकार ने जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें। राज्य में ईंधन का पर्याप्त भंडार है। अनावश्यक रूप से सिलेंडरों की बुकिंग करने से वितरण व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे वास्तव में जरूरतमंद लोगों को परेशानी हो सकती है।

भराड़ीसैंण से हुई यह उच्चस्तरीय बैठक स्पष्ट करती है कि धामी सरकार प्रदेश की रसद व्यवस्था को लेकर पूरी तरह सतर्क है और किसी भी प्रकार की कृत्रिम कमी (Artificial Shortage) पैदा करने वालों पर सख्ती बरत रही है।

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