देहरादून: मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को वित्त मंत्री के रूप में राज्य का जो बजट पेश किया, वह केवल वित्तीय आंकड़ों का पुलिंदा नहीं बल्कि उत्तराखंड के भविष्य का एक विजन डॉक्यूमेंट है। इस बजट की सबसे बड़ी विशेषता इसका ‘संतुलन’ (SANTULAN)मॉडल है। सरकार ने अंग्रेजी के शब्द ‘SANTULAN’ के प्रत्येक अक्षर को एक मूल मंत्र के रूप में परिभाषित करते हुए राज्य के विकास की एक अभूतपूर्व परिकल्पना पेश की है।
S – समावेशी विकास (Inclusive Development)
समावेशी विकास के तहत सरकार ने समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति, मातृशक्ति और बच्चों को केंद्र में रखा है।
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सामाजिक सुरक्षा: पेंशन योजनाओं के लिए ₹1327.73 करोड़ का भारी-भरकम प्रावधान।
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स्वास्थ्य: अटल आयुष्मान योजना हेतु ₹600 करोड़।
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महिला व बाल कल्याण: मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट (₹30 करोड़), आंचल अमृत योजना (₹15 करोड़) और प्रसूताओं के लिए ईजा-बोई शगुन योजना (₹14.13 करोड़) जैसी योजनाओं से पोषण और सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।
A – आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड (Self-reliant Uttarakhand)
राज्य को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के लिए स्वरोजगार और स्थानीय उत्पादों पर ध्यान दिया गया है।
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कृषि एवं बागवानी: ‘मिशन एप्पल’ (₹42 करोड़) और कीवी-ड्रैगन फ्रूट जैसे उच्च मूल्य वाले फलों के लिए ₹30.70 करोड़।
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MSME व स्टार्टअप: मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना हेतु ₹60 करोड़ और स्टार्टअप वेंचर फंड के लिए ₹25 करोड़।
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पर्यटन: इको टूरिज्म गतिविधियों के लिए ₹18.50 करोड़ का प्रावधान।
N – नई सोच (New Thought)
आधुनिक तकनीक और नवाचार के माध्यम से शासन को स्मार्ट बनाने की तैयारी है।
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शिक्षा: संस्कृत पाठशालाओं के लिए ₹28 करोड़ और ‘लैब ऑन व्हील्स’ योजना (₹4 करोड़)।
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डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर: राज्य डेटा सेंटर सुदृढ़ीकरण (₹65 करोड़) और साइबर सिक्योरिटी हेतु ₹15 करोड़।
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नवाचार: ए.आई. (Artificial Intelligence) के क्रियान्वयन के लिए ₹11.50 करोड़ और यूसीसी (UCC) हेतु ₹5 करोड़।
T – तीव्र विकास (Fast Growth)
बुनियादी ढांचे की गति बढ़ाने के लिए बड़े निवेश की योजना है।
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कनेक्टिविटी: पीएमजीएसवाई (PMGSY) के तहत ₹1050 करोड़ और सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए ₹400 करोड़।
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नागरिक उड्डयन: हवाई सेवाओं के विस्तार हेतु ₹52.50 करोड़।
U – उन्नत शहर एवं गांव (Urban & Rural Development)
गांवों और शहरों के बीच की खाई को पाटने का संकल्प बजट में झलकता है।
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ग्रामीण विकास: पूंजीगत मद में ₹1642.20 करोड़।
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वाइब्रेंट विलेज: सीमांत गांवों के लिए ₹40 करोड़।
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शहरी निकाय: नगर निकायों के लिए ₹1814 करोड़ और पंचायतों के लिए ₹1491 करोड़ का आवंटन।
L – लोक सहभागिता (Public Participation)
जनता को तकनीक और विज्ञान से जोड़कर विकास में सहभागी बनाने का लक्ष्य है।
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विज्ञान केंद्र: चम्पावत में विज्ञान केंद्र की स्थापना हेतु ₹10 करोड़।
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एआई मिशन: एआई मिशन के लिए विशेष एसपीवी (SPV) का गठन (₹25 करोड़)।
A – आर्थिक शक्ति (Economic Power)
राज्य की जीडीपी को मजबूती देने वाली बड़ी परियोजनाओं पर फोकस है।
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इंफ्रास्ट्रक्चर: रिस्पना-बिंदाल एलिवेटेड यूटिलिटी शिफ्टिंग हेतु ₹350 करोड़।
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रिवर फ्रंट: टिहरी रिंग रोड और गंगा कॉरिडोर परियोजनाओं के लिए विशेष बजट प्रावधान।
N – न्यायपूर्ण व्यवस्था (Just System)
सुरक्षा और न्याय को सुलभ बनाने के लिए गृह विभाग और न्यायपालिका को सुदृढ़ किया गया है।
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पुलिस कल्याण: पुलिस आवास हेतु ₹100 करोड़ और एसडीआरएफ (SDRF) के लिए ₹10 करोड़।
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न्यायिक सुधार: फास्ट ट्रैक विशेष कोर्ट (रेप व पोक्सो) हेतु ₹3.42 करोड़ और जेलों के आधुनिकीकरण के लिए ₹35 करोड़।
मुख्यमंत्री धामी का यह ‘SANTULAN’ मॉडल उत्तराखंड को एक ‘सशक्त राज्य’ बनाने की दिशा में एक संतुलित प्रहार है। यह बजट तकनीक, परंपरा और समावेशी प्रगति का एक ऐसा मिश्रण है, जो आगामी वर्षों में देवभूमि की तस्वीर बदलने की क्षमता रखता है।
