स्टार्टअप क्रांति में उत्तराखंड की ऊंची छलांग: भारत सरकार ने ‘लीडर’ श्रेणी में किया सम्मानित, बना देश का रोल मॉडल

देहरादून: उत्तराखंड ने राष्ट्रीय पटल पर अपनी विकास यात्रा में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है। भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी ‘स्टेट्स स्टार्टअप इकोसिस्टम रैंकिंग’ (5वां संस्करण) में उत्तराखंड को ‘लीडर’ (Leader) राज्य का दर्जा प्रदान किया गया है। यह उपलब्धि राज्य में नवाचार (Innovation), सुदृढ़ नीतियों और उद्यमियों के लिए तैयार किए गए अनुकूल वातावरण का सीधा परिणाम है।

राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस पर मिला गौरवपूर्ण सम्मान

राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष समारोह में उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) ने उत्तराखंड सरकार को ‘Certificate of Appreciation’ प्रदान किया। केंद्र सरकार की यह रैंकिंग प्रमाणित करती है कि उत्तराखंड न केवल हिमालयी राज्यों में, बल्कि देश के उभरते हुए औद्योगिक राज्यों के बीच एक ‘आदर्श मॉडल’ के रूप में स्थापित हो चुका है।

युवाओं के सपनों को मिली उड़ान और बढ़ा निवेश

विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तराखंड की इस सफलता के पीछे राज्य सरकार की सरल प्रक्रियाएं (Single Window System) और निवेश के अनुकूल नीतियां हैं। राज्य ने न केवल नए स्टार्टअप्स को पंजीकरण में सहायता प्रदान की है, बल्कि उन्हें मेंटरशिप, फंडिंग और बाजार तक पहुंच बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

वर्तमान में उत्तराखंड का स्टार्टअप इकोसिस्टम:

  • नवाचार का केंद्र: आईटी, कृषि, पर्यटन और आयुष जैसे क्षेत्रों में नए उद्यमी तेजी से उभर रहे हैं।

  • स्वरोजगार को बढ़ावा: राज्य की नीतियों ने युवाओं को ‘जॉब सीकर’ के बजाय ‘जॉब क्रिएटर’ बनने के लिए प्रेरित किया है।

  • निवेश अनुकूल माहौल: ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में सुधार के कारण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों का भरोसा उत्तराखंड पर बढ़ा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जताई खुशी: “यह सामूहिक प्रयासों का फल है”

इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रदेशवासियों और उद्यमियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा:

“यह सम्मान उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय है। हमारी सरकार ने स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम विकसित किया है। राज्य के युवाओं में नवाचार की अद्भुत क्षमता है और सरकार हर स्तर पर उन्हें वित्तीय और तकनीकी सहयोग प्रदान कर रही है। यह उपलब्धि प्रदेश के सभी उद्यमियों, स्टार्टअप्स और अधिकारियों के सामूहिक समर्पण का प्रतिफल है।”

‘ईज ऑफ स्टार्टिंग बिजनेस’ में अग्रणी बना उत्तराखंड

भारत सरकार की यह मान्यता स्पष्ट करती है कि उत्तराखंड अब सिर्फ पर्यटन के लिए ही नहीं, बल्कि ‘ईज ऑफ स्टार्टिंग बिजनेस’ के लिए भी जाना जा रहा है। राज्य की स्टार्टअप नीति अब अन्य हिमालयी राज्यों के लिए एक बेंचमार्क बन गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, ‘लीडर’ श्रेणी में आने से राज्य में वेंचर कैपिटल (VC) फंड्स और बड़े निवेशकों का आकर्षण और बढ़ेगा, जिससे आने वाले समय में रोजगार के हजारों नए अवसर सृजित होंगे।

उत्तराखंड का ‘लीडर’ राज्य बनना इस बात का प्रमाण है कि सही नीति और स्पष्ट विजन के साथ एक पहाड़ी राज्य भी औद्योगिक ऊंचाइयों को छू सकता है। धामी सरकार का लक्ष्य अब राज्य को इस रैंकिंग में ‘बेस्ट परफॉर्मर’ (Best Performer) की श्रेणी में लाना है, जिसके लिए बुनियादी ढांचे और डिजिटल कनेक्टिविटी पर और अधिक ध्यान दिया जा रहा है।

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