देहरादून: उत्तराखंड के प्रमुख शहरों में वायु गुणवत्ता (Air Quality) को बेहतर बनाने और ‘स्वच्छ वायु सर्वेक्षण’ की रैंकिंग में सुधार लाने के लिए प्रदेश सरकार ने कमर कस ली है। सचिवालय में आयोजित राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के अंतर्गत राज्य स्तरीय वायु गुणवत्ता निगरानी समिति की महत्वपूर्ण बैठक में प्रमुख सचिव, वित्त श्री आर.के. सुधांशु ने अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए।
बैठक में देहरादून, ऋषिकेश और काशीपुर जैसे शहरों में वायु प्रदूषण की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई और भविष्य की रणनीति पर चर्चा हुई।
निर्माण स्थलों पर सख्ती और धूल पर नियंत्रण
प्रमुख सचिव ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल प्रदूषण का एक बड़ा कारण है। उन्होंने MDDA (मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण) के साथ समन्वय स्थापित कर निम्नलिखित निर्देश दिए:
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सभी निर्माण स्थलों पर निर्माण सामग्री को तिरपाल या अन्य साधनों से ढकना अनिवार्य होगा।
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धूल को उड़ने से रोकने के लिए नियमित रूप से जल छिड़काव सुनिश्चित किया जाए।
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मानकों का उल्लंघन करने वालों पर प्रभावी कार्रवाई की जाए।
चारधाम यात्रा मार्ग पर स्वच्छता का ‘स्पेशल मॉडल’
आगामी यात्रा सीजन को देखते हुए प्रमुख सचिव ने चारधाम मार्गों और अस्थायी आश्रय स्थलों पर सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि:
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NGO की सहभागिता: सफाई के लिए एनजीओ की मदद ली जाए और विशिष्ट पैच (क्षेत्र) चिन्हित कर समानांतर प्रणाली से सफाई कार्य चलाया जाए।
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जन-जागरूकता: कूड़ा एकत्रीकरण वाहनों में डस्टबिन की व्यवस्था हो और लोगों को जागरूक करने के लिए ‘क्या करें, क्या न करें’संबंधी पैम्फलेट चस्पा किए जाएं।
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वेस्ट मैनेजमेंट: सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स के अनुरूप कूड़े का पृथक्करण (Segregation) सुनिश्चित किया जाए।
उत्साहजनक आंकड़े: प्रदूषण के स्तर में आई भारी कमी
उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते ने बैठक में वायु गुणवत्ता में हुए सुधार के आंकड़े प्रस्तुत किए। वर्ष 2019-20 की तुलना में वर्ष 2024-25 में पीएम 10 (PM 10) के स्तर में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है:
| शहर | वायु गुणवत्ता में सुधार (%) |
| देहरादून | 44.27% |
| ऋषिकेश | 38.2% |
| काशीपुर | 26.92% |
काशीपुर के लिए C&D प्लांट का प्रस्ताव
बैठक में काशीपुर शहर के लिए निर्माण एवं विध्वंस (C&D) प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करने हेतु तत्काल प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। इससे निर्माण कार्यों से निकलने वाले मलबे का वैज्ञानिक निस्तारण संभव हो सकेगा।
बैठक में उपस्थित रहे वरिष्ठ अधिकारी
इस उच्च स्तरीय बैठक में सचिव (वन) श्री सी. रविशंकर, अपर सचिव सुश्री कल्याणी, नगर आयुक्त देहरादून श्रीमती नमामि बंसल, अपर सचिव श्री संतोष बडोनी, और अपर जिला मजिस्ट्रेट देहरादून श्री कृष्ण कुमार मिश्रा सहित कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
सरकार का लक्ष्य केवल रैंकिंग सुधारना नहीं, बल्कि प्रदेश के निवासियों और पर्यटकों को स्वच्छ हवा और प्रदूषण मुक्त वातावरण प्रदान करना है। अधिकारियों को स्पष्ट कर दिया गया है कि समन्वय की कमी के कारण किसी भी कार्य में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
