उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास को मिलेगी नई गति: मुख्य सचिव ने दिए सख्त निर्देश

देहरादून | 24 फरवरी, 2026

उत्तराखंड के मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने प्रदेश के विकास कार्यों और प्रशासनिक दक्षता को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सचिवालय में सचिव समिति की महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में भराड़ीसैंण विधानसभा सत्र की तैयारियों से लेकर डिजिटल गवर्नेंस और प्रवासियों के अनुभव का लाभ उठाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर ठोस रणनीति तैयार की गई।

भराड़ीसैंण विधानसभा सत्र: तैयारियों के लिए डेडलाइन तय

मुख्य सचिव ने आगामी भराड़ीसैंण (गैरसैंण) विधानसभा सत्र को लेकर अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सत्र के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल, SOP (मानक संचालन प्रक्रिया), स्वच्छता, और अन्य बुनियादी व्यवस्थाओं में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। सभी व्यवस्थाओं को समयबद्ध रूप से दुरुस्त करने के लिए कार्यपूर्ति दिग्दर्शिका के पालन पर जोर दिया गया।

अनुशासन पर सख्त रुख: बदसलूकी तो होगी कड़ी कार्रवाई

प्रशासनिक शुचिता को बनाए रखने के लिए मुख्य सचिव ने कड़ा संदेश दिया। उन्होंने निर्देशित किया कि यदि किसी भी सरकारी कार्यालय में कार्मिकों के साथ या आम जनता के बीच किसी भी प्रकार की बदसलूकी होती है, तो संबंधित के खिलाफ सख्त एनफोर्समेंट की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा राज्य में किए गए सभी शिलान्यास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट (Update Status) तत्काल प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

डिजिटल उत्तराखंड: ई-ऑफिस और एग्री स्टैग

मुख्य सचिव ने ई-ऑफिस के बेहतर क्रियान्वयन के लिए जनपदों की पीठ थपथपाई, लेकिन साथ ही सभी निदेशालयों को डिजिटल फाइलिंग की गति और तेज करने को कहा। बैठक में ‘एग्री स्टैग’ (Agri Stack) योजना का प्रस्तुतीकरण भी दिया गया, जिसके माध्यम से कृषि विकास योजनाओं में केंद्र से मिलने वाले इंसेंटिव का अधिकतम लाभ उठाने का लक्ष्य रखा गया है।

‘ADOPT A VILLAGE’ और प्रवासियों से जुड़ाव

मुख्य सचिव ने ‘ADOPT A VILLAGE’ योजना की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जिलाधिकारियों को गंभीरता से कार्य करने की हिदायत दी। उन्होंने एक नई पहल के तहत जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि:

  • जनपदवार प्रवासियों का डाटा तैयार किया जाए।

  • उनसे निरंतर समन्वय स्थापित कर उनके अनुभव, तकनीकी ज्ञान और कार्य संस्कृति का उपयोग उत्तराखंड के विकास में किया जाए।

नवाचार की सराहना: GIS और सतत कृषि

बैठक के दौरान दो जनपदों द्वारा प्रस्तुत नवाचारों की सराहना की गई:

  1. टिहरी (GIS Technology): जिलाधिकारी टिहरी ने बताया कि कैसे GIS का उपयोग कर फॉरेस्ट लैंड ट्रांसफर, क्षतिपूरक वृक्षारोपण और भूमि अधिग्रहण के मुआवजों का त्वरित निस्तारण किया जा रहा है।

  2. ऊधम सिंह नगर (सतत कृषि): जिलाधिकारी ने जल संरक्षण और सतत कृषि से जुड़ी अपनी प्रेरणादायी पहलों को साझा किया।

बैठक के अंत में मुख्य सचिव ने सभी विभागों को पारदर्शिता और अंतर-विभागीय समन्वय के साथ विकास कार्यों को समय पर पूरा करने की शपथ दिलाई। इस अवसर पर प्रमुख सचिव डॉ. आर के सुधांशु सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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