उत्तराखण्ड की आयुष चिकित्सा बनेगी देश के लिए ‘मॉडल’: मुख्य सचिव ने ₹52 करोड़ के प्रस्ताव को दी मंजूरी

देहरादून | 24 फरवरी, 2026

उत्तराखण्ड को आयुष और वेलनेस के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को सचिवालय में मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में नेशनल आयुष मिशन (NAM) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आयुष सेवाओं के विस्तार, बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण और आधुनिक तकनीकों के समावेश पर व्यापक रणनीति तैयार की गई।

₹52 करोड़ का बजट और 13 जनपदों में ‘सुप्रजा’ केंद्र

मुख्य सचिव ने नेशनल आयुष मिशन के तहत भारत सरकार को भेजे जाने वाले 52 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। इस बजट के माध्यम से राज्य के सभी 13 जनपदों में एक-एक ‘सुप्रजा केंद्र’ (आयुर्वेदिक एंटेनेटल केयर आधारित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) स्थापित किया जाएगा।

  • विशेषताएं: इन केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं की देखभाल, विशेषज्ञ चिकित्सा, पंचकर्म सुविधाएं और प्रशिक्षित सहायकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।

आयुष चिकित्सा को ‘मॉडल’ बनाने का लक्ष्य

मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि एलोपैथी और आयुर्वेद विभाग को आपस में प्रतिस्पर्धी के बजाय सहयोगी के रूप में कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों विभागों के समन्वय से उत्तराखण्ड की आयुष पद्धति को एक ‘मॉडल चिकित्सा’ के रूप में विकसित किया जाए, जिससे मरीजों को समग्र स्वास्थ्य लाभ (Holistic Healthcare) मिल सके।

प्राइवेट पार्टनर्स और PPP मोड की समीक्षा

बैठक में आयुष क्षेत्र में निजी निवेश को प्रोत्साहित करने पर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि:

  • पीपीपी (PPP) मोड पर चल रहे चिकित्सालयों के प्रदर्शन की कड़ी स्क्रूटनी की जाए।

  • जिन प्राइवेट पार्टनर्स के साथ पूर्व में MoU हुए हैं, उनके साथ संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए।

  • राज्य में विकसित आयुष इकोसिस्टम का लाभ उठाने के लिए निवेशकों को प्रेरित किया जाए।

बुनियादी ढांचे में प्रगति: नए अस्पतालों की सौगात

बैठक में बताया गया कि इस वित्तीय वर्ष में राज्य को तीन नए आयुष अस्पताल मिलने जा रहे हैं:

  • पूर्ण होने वाले अस्पताल: पथरी (हरिद्वार), भीमताल (नैनीताल) और टनकपुर (चंपावत)।

  • प्रगति पर कार्य: हल्द्वानी (नैनीताल) में निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।

  • मोबाइल मेडिकल यूनिट: हर जनपद में मोबाइल मेडिकल यूनिट संचालित करने का प्रस्ताव भी केंद्र को भेजा जा रहा है।

डिजिटल आयुष: आयुर तरंगिणी और आयुर वाणी

आम जनमानस को आयुर्वेद के प्रति जागरूक करने के लिए विभाग के डिजिटल प्रयासों की सराहना की गई।

  • आयुर तरंगिणी: विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध यह मासिक ई-मैगजीन विभिन्न उपचारों की जानकारी देती है।

  • आयुर वाणी: यूट्यूब पर प्रसारित होने वाली यह पॉडकास्ट सीरीज विशेषज्ञों के माध्यम से स्वास्थ्य जागरूकता फैला रही है।

बैठक में सचिव श्रीमती रंजना राजगुरु, अपर सचिव श्री विजय कुमार जोगदंडे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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