देहरादून |उत्तराखण्ड सरकार ने राज्य के दुर्गम एवं पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की बुनियादी स्थिति को बदलने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत अभिनव “You Quote We Pay” मॉडल के माध्यम से चयनित विशेषज्ञ चिकित्सकों को अब विभिन्न जिलों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) और उप जिला चिकित्सालयों (SDH) में तैनात कर दिया गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण की नई पहल
लंबे समय से उत्तराखण्ड के पर्वतीय क्षेत्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी। इस समस्या के समाधान के लिए सरकार ने डॉक्टरों को उनकी योग्यता और अनुभव के आधार पर मनचाहा वेतन (एक निर्धारित सीमा के भीतर) देने का विकल्प दिया। 03 दिसंबर 2025 को आयोजित साक्षात्कारों के बाद अब विशेषज्ञ डॉक्टरों की पहली खेप को फील्ड में तैनात करने की स्वीकृति मिल गई है।
कहाँ हुई किसकी तैनाती?
विशेषज्ञों की यह नियुक्तियां मुख्य रूप से मातृ-शिशु स्वास्थ्य और आपातकालीन सर्जरी को ध्यान में रखकर की गई हैं। प्रमुख नियुक्तियां इस प्रकार हैं:
मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में आएगी कमी
इन नियुक्तियों का सबसे बड़ा लाभ गर्भवती महिलाओं और बच्चों को मिलेगा। एनेस्थेटिस्ट और स्त्री रोग विशेषज्ञों की उपलब्धता से अब इन दूरस्थ केंद्रों पर भी जटिल प्रसव और शल्य चिकित्सा (Surgery) स्थानीय स्तर पर ही संभव हो सकेगी। इससे मरीजों को ऋषिकेश या देहरादून जैसे बड़े शहरों के लिए रेफर करने की मजबूरी कम होगी।
“हमारा प्राथमिक उद्देश्य पर्वतीय और सीमांत क्षेत्रों के नागरिकों को उनके घर के पास ही विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। ये नियुक्तियां स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के हमारे संकल्प का हिस्सा हैं।” > — डॉ. आर. राजेश कुमार, स्वास्थ्य सचिव, उत्तराखण्ड
भविष्य की योजना
स्वास्थ्य सचिव ने स्पष्ट किया कि यह केवल शुरुआत है। NHM के तहत रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी। यदि आवश्यकता पड़ी, तो आगे भी इसी मॉडल के तहत और अधिक विशेषज्ञों की नियुक्ति की जाएगी ताकि राज्य का कोई भी नागरिक बेहतर इलाज से वंचित न रहे।
मुख्य बिंदु:
-
मॉडल: You Quote We Pay (एनएचएम के तहत)।
-
चयन: 03 दिसंबर 2025 को आयोजित इंटरव्यू के आधार पर।
-
फोकस: एनेस्थेटिस्ट, प्रसूति एवं स्त्री रोग, और बाल रोग विशेषज्ञ।
-
प्रभाव: रेफरल केसों में कमी और स्थानीय स्तर पर बेहतर आपातकालीन उपचार।
