देहरादून। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आगामी उत्तराखंड भ्रमण को लेकर सुरक्षा व्यवस्थाएं चाक-चौबंद कर दी गई हैं। इस बार की सुरक्षा व्यवस्था में एक विशेष और सराहनीय पहल देखने को मिल रही है। प्रधानमंत्री के सुरक्षा घेरे को त्रुटिरहित और प्रभावी बनाने के लिए उत्तराखंड पुलिस ने ‘नारी शक्ति’ पर भरोसा जताते हुए लगभग 550 महिला पुलिस अधिकारियों और कर्मियों की रणनीतिक तैनाती की है। एसएसपी से लेकर कांस्टेबल स्तर तक की ये महिला जांबाज सुरक्षा व्यवस्था के हर महत्वपूर्ण मोर्चे पर मुस्तैद रहेंगी।
उत्तराखंड पुलिस द्वारा तैयार किए गए बहुस्तरीय सुरक्षा ग्रिड के अंतर्गत इन महिला पुलिसकर्मियों को वीवीआईपी रूट, मुख्य कार्यक्रम स्थल, हाई-टेक कंट्रोल रूम और अन्य संवेदनशील पॉइंट्स पर तैनात किया गया है। यह पहली बार है जब इतनी बड़ी संख्या में महिला पुलिस बल को वीवीआईपी ड्यूटी के मुख्य ग्रिड में शामिल किया गया है। सुरक्षा रणनीति इस प्रकार बनाई गई है कि हर स्तर पर त्वरित निर्णय और कड़ी निगरानी सुनिश्चित की जा सके।
डीजीपी उत्तराखण्ड श्री दीपम सेठ ने इस तैनाती पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वीवीआईपी सुरक्षा व्यवस्था में महिला शक्ति को अग्रणी भूमिका प्रदान करना हमारी प्राथमिकता रही है। उन्हें विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्वों की कमान सौंपी गई है, जिससे संपूर्ण ऑपरेशन में बेहतर समन्वय, संवेदनशीलता और सतर्कता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने विश्वास जताया कि महिला पुलिस अधिकारियों की उच्च पेशेवर क्षमता और उनकी प्रतिबद्धता प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं अभेद्य बनाएगी।
महिला पुलिसकर्मियों की यह तैनाती न केवल सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सार्वजनिक स्थलों पर भीड़ नियंत्रण और महिला आगंतुकों की सुरक्षा जांच के दौरान संवेदनशीलता बनाए रखने में भी सहायक सिद्ध होगी। पुलिस मुख्यालय के अनुसार, इन सभी महिला कर्मियों को विशेष ब्रीफिंग और ड्रिल के माध्यम से सुरक्षा के कड़े मानकों से अवगत कराया गया है, ताकि प्रधानमंत्री का भ्रमण कार्यक्रम पूरी तरह सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
