अमर उजाला संवाद में सीएम धामी का बड़ा संदेश: विकास, विरासत और जन-आकांक्षाओं के साथ आगे बढ़ रहा उत्तराखण्ड

देहरादून। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में आयोजित प्रतिष्ठित ‘अमर उजाला संवाद’ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। इस विशेष अवसर पर मुख्यमंत्री ने बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता श्री राकेश बेदी को ‘अमर उजाला लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड’ से सम्मानित किया। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश की प्रतिभाओं को समर्पित ‘अमर उजाला उत्तराखण्ड एचीवर्स विशेषांक’ पत्रिका का भी विमोचन किया।

इकोलॉजी, इकोनॉमी और टेक्नोलॉजी का बेजोड़ समन्वय

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार ‘विरासत के साथ विकास’ के मूल मंत्र को धरातल पर उतार रही है। पर्यावरण और विकास के बीच संतुलन का एक बड़ा उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया:

  • जी.ई.पी (GEP) की शुरुआत: उत्तराखण्ड देश का ऐसा अग्रणी राज्य बन गया है जिसने ग्रॉस एनवायरमेंट प्रोडक्ट (सकल पर्यावरण उत्पाद) के आकलन की वैज्ञानिक व्यवस्था शुरू की है।

  • त्रिकोणीय तालमेल: सरकार अब इकोलॉजी (पारिस्थितिकी), इकोनॉमी (अर्थव्यवस्था) और टेक्नोलॉजी (तकनीक) के मजबूत समन्वय के साथ आगे बढ़ रही है।

चारधाम और आदि कैलाश यात्रा में बने नए कीर्तिमान

चारधाम यात्रा को आस्था और राज्य की आर्थिकी की रीढ़ बताते हुए मुख्यमंत्री ने कुछ बेहद उत्साहजनक आंकड़े साझा किए:

  • 40 लाख का आंकड़ा पार: इस वर्ष 19 अप्रैल से शुरू हुई चारधाम यात्रा में अब तक 40 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। ऑल वेदर सड़कों के निर्माण से अब सफर पहले से कहीं ज्यादा सुगम और सुरक्षित हुआ है।

  • आदि कैलाश में अभूतपूर्व उछाल: सीमांत और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र ‘आदि कैलाश’ में जहाँ पहले सालभर में महज 400 से 500 लोग पहुँचते थे, वहीं प्रधानमंत्री के दौरे और बुनियादी ढाँचे के विकास के बाद इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 45 हजार पहुँच गई है।

  • विंटर टूरिज्म को बढ़ावा: बेहतर सुविधाओं के चलते अब श्रद्धालु केवल गर्मियों में ही नहीं, बल्कि शीतकालीन यात्रा के लिए भी सालभर उत्तराखण्ड आ रहे हैं।

समान नागरिक संहिता (UCC) और देवभूमि के मूल स्वरूप की रक्षा

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि देवभूमि के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक ताने-बाने से किसी को भी खिलवाड़ करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। भविष्य की पीढ़ियों को एक सुरक्षित और समृद्ध राज्य सौंपना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।

संकल्प से सिद्धि तक (UCC): “समान नागरिक संहिता (UCC) ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। साल 2022 के विधानसभा चुनाव में हमने उत्तराखण्ड की जनता से जो वादा किया था, उसे हमारी सरकार ने पूरी दृढ़ता से लागू कर दिया है। अब हमारे इस मॉडल को देखकर देश के अन्य प्रदेश भी अपने यहाँ यूसीसी लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।”

33 हजार सरकारी नौकरियां और देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून

युवाओं और रोजगार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की पीठ थपथपाते हुए कहा कि बीते चार सालों में 33 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं, और ये सभी नियुक्तियां पूरी तरह से पारदर्शी और बिना किसी सिफारिश के हुई हैं।

भर्ती परीक्षाओं में शुचिता लाने के लिए राज्य में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है, जिससे युवाओं के भीतर तंत्र के प्रति भरोसा बहाल हुआ है। इसके साथ ही, युवाओं को केवल नौकरी पाने वाला न बनाकर नौकरी देने वाला (उद्यमी) बनाने के लिए ‘मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना’ और ‘होमस्टे योजना’ जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं से सीधे जोड़ा जा रहा है।

कार्यक्रम में मौजूद रहीं प्रमुख हस्तियां

इस गरिमामयी संवाद कार्यक्रम में राजनीति, प्रशासन और मीडिया जगत के कई शीर्ष चेहरे मौजूद रहे:

  • कैबिनेट मंत्री: श्री गणेश जोशी, श्रीमती रेखा आर्या

  • मीडिया और प्रशासनिक पदाधिकारी: प्रो. गोविंद बिष्ट (अध्यक्ष, मीडिया सलाहकार समिति), श्री बंशीधर तिवारी (महानिदेशक सूचना)

  • अमर उजाला समूह: श्री तन्मय माहेश्वरी (प्रबंध निदेशक), श्री वरुण माहेश्वरी (प्रेसिडेंट), डॉ. इंदुशेखर पंचोली (प्रधान संपादक) और श्री अनूप वाजपेयी (स्थानीय संपादक)।

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