तबाही के बाद सीएम धामी का बड़ा ऐलान; देंगे एक माह की सैलरी, राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी

उत्तरकाशी के धराली में बादल फटने से आई भीषण तबाही के बाद राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक माह का वेतन राहत कोष में दान करने की घोषणा की है। NDRF और SDRF समेत कई एजेंसियां युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। अब तक सैकड़ों लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है और प्रभावितों की हर संभव मदद की जा रही है।


Uttarkashi Cloudburst Ongoing Relief Efforts (Photo: ANI)

उत्तरकाशी में बादल फटने से राहत कार्य जारी (फोटो: ANI)

Uttarkashi Cloudburst: उत्तरकाशी के धराली में आई तबाही के बाद राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं। इसी बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को घोषणा की कि उत्तरकाशी में बादल फटने के कारण आई बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों के लिए वे अपनी एक माह की तनख्वाह दान करेंगे।

इस घोषणा के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तरकाशी जिले के धाराली और हर्षिल क्षेत्रों में राज्य सरकार द्वारा युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य जारी हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, स्वैच्छिक संगठनों और आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे अपनी क्षमता के अनुसार राहत कार्यों में सहयोग करें।

274-275 लोगों को सुरक्षित बचाया गया

इस बीच, NDRF ने राज्य में खराब मौसम और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए बचाव कार्यों को तेज कर दिया है। NDRF के उप महानिरीक्षक (DIG) मोसेन शाहेदी ने गुरुवार को बताया कि उत्तराखंड में NDRF की कुल 18 टीमें तैनात की गई हैं। इनमें से चार टीमें धाराली क्षेत्र में कार्यरत हैं, जबकि अन्य टीमें स्टैंडबाय पर हैं। उन्होंने बताया कि राहत कार्यों के लिए एक संयुक्त अभियान चलाया जा रहा है और अब तक 274-275 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है। बादल फटने और भारी वर्षा की घटना के दो दिन बाद, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) ने गुरुवार को जानकारी दी कि गंगोत्री में फंसे 21 और नागरिकों को नेलोंग से हर्षिल तक हेलीकॉप्टर के जरिए सुरक्षित निकाला गया।

इन जगहों के लोगों किया गया रेस्क्यू

सीमा सड़क संगठन (BRO) के अमित कुमार ने बताया कि इस अभियान में उनकी चार मशीनें काम कर रही हैं। उन्होंने बताया, “हमारे महानिदेशक और प्रमुख अधिकारी यहां पहुंचे हैं। अभी भी लगभग 20-40 मकान मलबे में दबे हैं और पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। BRO, ITBP, NDRF और SDRF की मदद से अब तक 150-175 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है। अब तक कुल पांच शव बरामद किए गए हैं।” इससे पहले बुधवार को उत्तराखंड सरकार ने जानकारी दी थी कि गंगोत्री और आसपास के क्षेत्रों में फंसे 274 लोगों को हर्षिल सुरक्षित पहुंचाया गया है। इनमें 131 लोग गुजरात से, 123 महाराष्ट्र से, 21 मध्य प्रदेश से, 12 उत्तर प्रदेश से, छह राजस्थान से, सात दिल्ली से, पांच असम से, पांच कर्नाटक से, तीन तेलंगाना से और एक पंजाब से हैं। सभी लोग सुरक्षित हैं और उन्हें उत्तरकाशी या देहरादून भेजा जा रहा है।

उत्तराखंड में मौसम का हाल

मानसून के आगमन के बाद से ही पहाड़ी राज्यों में इसका असर जबरदस्त रूप में देखने को मिला है। भारी बारिश के कारण उत्तराखंड में जनजीवन कई तरह से अस्त-व्यस्त हुआ है। बात अगर यहां की मौसम की करें तो मौसम विभाग के अनुसार, आज देहरादून, चमोली, उत्तरकाशी, पौड़ी, बागेश्वर, उधम सिंह नगर, पिथौरागढ़, नैनीताल और चंपावत जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। अन्य जिलों में भी गरज-चमक के साथ तेज से बहुत तेज बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। फिलहाल, अगले दो दिनों तक मौसम इसी तरह बना रह सकता है। साथ ही मौसम विभाग ने राज्य में 12 अगस्त तक रेड अलर्ट जारी किया है।

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