दिमाग की सेहत के लिए बेहद जरूरी ‘मेमोरी विटामिन’, ये हैं कोलीन के सोर्स

नई दिल्ली: नींद नहीं आती, उदासी के साथ चिड़चिड़ापन छाया रहता है, पढ़ाई या काम में मन नहीं लगता, बातें बार-बार भूल जाते हैं? तो ये मजाक नहीं, बल्कि दिमागी सेहत खराब होने के लक्षण हैं। शरीर को पोषक तत्वों की जितनी जरूरत होती है, दिमाग को भी उतनी ही। सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट पूजा मखीजा बताती हैं कि दिमाग की सेहत के लिए सबसे अहम पोषक तत्व है कोलीन, जिसे अब वैज्ञानिक ‘मेमोरी विटामिन’ कहने लगे हैं। हम सब प्रोटीन, आयरन, ओमेगा-3, विटामिन डी की बात करते रहते हैं, लेकिन कोलीन के बारे में बहुत कम लोग बात करते हैं। यही वो चीज है, जो दिमाग की कोशिकाओं को बनाती है, याददाश्त को मजबूत करती है, फोकस बढ़ाती है और सीखने-सिखाने की क्षमता को भी बेहतर बनाती है। उन्होंने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की साल 2018 की स्टडी का जिक्र किया। इसमें पाया गया कि प्रेग्नेंसी में जिन महिलाओं ने रोजाना पर्याप्त कोलीन लिया, उनके बच्चों ने 7 साल की उम्र में भी मेमोरी और समझने के टेस्ट में बहुत बेहतर परफॉर्म किया। यानी मां के गर्भ में लिया गया कोलीन बच्चे के दिमाग को पूरी जिंदगी के लिए स्मार्ट बना सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि रोजाना कितना कोलीन चाहिए। सामान्य महिलाओं को 425 मिलीग्राम और पुरुषों को 550 मिलीग्राम लेनी चाहिए। एक्सपर्ट ने बताया कि सबसे ज्यादा कोलीन कहां मिलता है। उन्होंने बताया कि अगर एनिमल सोर्स पर नजर डालें तो कोलीन अंडा (खासकर जर्दी), चिकन, मछली में पाया जाता है। शाकाहारी लोगों के लिए दूध, दही, पनीर के साथ सोयाबीन और एडामे, ब्रोकली, शिटाके मशरूम, मूंगफली, क्विनोआ, ब्रसेल्स स्प्राउट्स, राजमा और छोले कोलीन के अच्छे सोर्स हैं। सबसे डराने वाली बात यह है कि दुनिया की लगभग 90 प्रतिशत आबादी रोजाना कोलीन की जरूरत भी पूरी नहीं कर पाती। यानी ज्यादातर लोग अपने दिमाग को उसका सबसे जरूरी खाना नहीं दे रहे।

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