उत्तराखंड में जैसे जैसे पंचायत चुनाव नजदीक आ रहा पार्टियों की तैयारियां भी तेज हो गईं हैं। सत्तारूढ़ दल भाजपा के नेता कार्यकर्ता जमीन अपना काम शुरू कर चुके हैं। वहीं congress भी पीछे नहीं वहाँ भी लगातार बैठकों का दौर चल रहा है। बीजेपी ख़ुद को जमीन पूरी तरह से मुस्तैद करने के लिए आज अपने संगठन की बैठक आयोजित की जिसमें प्रदेश अध्यक्ष संगठन प्रभारी राज्य के मुख्यमंत्री सहित पार्टी के कई दिग्गज शामिल हुए और आने वाले चुनाव की रणनीति पर गहन चर्चा की।
इस बैठक में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी शामिल हुए थे। बैठक के सीएम धामी ने इसकी जानकारी दी और एक्स पर पोस्ट कर कहा कि राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट की अध्यक्षता में आयोजित महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक में सम्मिलित हुआ। बैठक में माननीय संगठन महामंत्री श्री @ajaeybjp जी, माननीय मंत्रीगण, विधायकगण एवं समर्पित पार्टी कार्यकर्तागण उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के दृष्टिगत भाजपा की आगामी योजनाओं, जनसंपर्क अभियानों तथा सेवा और संगठन को अधिक प्रभावी बनाने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। कार्यकर्ताओं का उत्साह, संगठन के प्रति उनकी निष्ठा और जनता से जुड़ाव ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है।
हम सभी मिलकर आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के विज़न को साकार करने और उत्तराखंड को एक सशक्त एवं समृद्ध राज्य बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं ।
इधर उत्तराखंड में पंचायत चुनाव की तैयारियों के लिए आयोग भी लगातार चुनाव को सही तरीके से करवाने के लिए लगातार बैठकें कर रहा है। चुनाव आयोग की ओर से उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह बांटे जा रहे हैं। इसमें कई मजेदार चुनाव चिन्ह भी शामिल हैं, जिनकी खूब चर्चा हो रही है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के तहत क्षेत्र पंचायत सदस्य (बीडीसी) जहाज की उड़ान भरेंगे तो प्रधान चलाएंगे फावड़ा। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से पंचायत चुनावों में विभिन्न पदों पर प्रत्याशियों के लिए ऐसे ही कुल 144 चुनाव चिह्न निर्धारित किए गए हैं।
इसमें पंचायत की सबसे छोटी इकाई यानि पंचायत सदस्य पद के लिए 18, प्रधान पद के लिए 40, क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के लिए 36 और जिला पंचायत सदस्य पद के लिए कुल 40 चुनाव चिन्ह निर्धारित किए गए हैं। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के मतपत्र में प्रत्याशियों के नाम नहीं होते हैं। ऐसे में चुनाव चिह्न ही प्रत्याशी की पहचान होती है। ऐसे में प्रत्याशियों को मिने वाले चुनाव चिन्ह मतदाताओं के बीच विशेष महत्व रखते हैं। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से 24 जुलाई को होने वाले पहले चरण के मतदान के लिए 14 जुलाई और दूसरे चरण 28 जुलाई को होने वाले मतदान के लिए 18 जुलाई को आवंटित किए जाएंगे।
मतदान प्रक्रिया: एक व्यक्ति डालेगा चार वोट
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तहत ग्राम पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान, जिला पंचायत सदस्य और क्षेत्र पंचायत सदस्य के लिए मतदान होता है। यानी एक मतदाता चार वोट डालेगा। इन चुनावों के बाद उप प्रधान का चुनाव बैलेट से होगा। अलबत्ता, जिला पंचायत अध्यक्ष और क्षेत्र पंचायत प्रमुख का चुनाव जिला और क्षेत्र पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधि एकल संक्रमणीय पद्धति से करते हैं।
