पिथौरागढ़: भारत और नेपाल एवं चीन की तीनों सीमा से लगे होने की वजह से धारचूला से ऊपर जाने के लिए किया इनर लाइन पास की व्यवस्था बनाई गई है
जिसमें छियालेख से आगे जाने के लिए पर्यटकों और श्रद्धालुओं को जिला प्रशासन के द्वारा एक व इनर लाइन परमिट इशू किया जाता है
जिसमें उनका स्वास्थ्य एवं सभी दस्तावेज चेक होने के बाद धारचूला उप जिलाधिकारी के माध्यम से यह परमिट इशू होता है। इसी के बाद उनको छियालेख से आगे आदि कैलाश ओम पर्वत दर्सन के लिए जाने के लिए परमिशन मिलती है
जिला प्रशासन के द्वारा एक आदेश निर्गत करते हुए यह बताया गया कि सोशल मीडिया में आदि कैलाश ओम पर्वत में तापमान गिरने की वजह से बर्फ जमना प्रारंभ हो गई है और बी आर ओ के माध्यम से भी लगातार मार्गों के संबंध में रिपोर्ट प्राप्त हो रही है कि अभी रास्ता ऊपर जाने के लिए सुगम नहीं है जिस वजह से जिला प्रशासन ने 1 दिसंबर 2025 से इस वर्ष के लिए इनर लाइन परमिट बंद कर दिए गए हैं
अब अगले वर्ष 2026 में जैसे ही मौसम ऊपर सही हो जाएगा और रास्ता यात्रियों के लिए सुगम हो जाएगा उसके बाद ही यह इनर लाइन परमिट मौसम को देखते हुए और दुबारा से इशू किया जाएगा तब तक के लिए इनर लाइन परमिट बंद कर दिया गया है और तब तक छियालेख से ऊपर कोई भी श्रद्धालु आदि कैलाश ओम पर्वत के लिए यात्रा नहीं कर सकता है. पिछले वर्ष 2024 को 15 नवंबर 2024 को ही इनर लाइन परमिट बंद कर दिए गए थे
