2047 के विकसित भारत का संकल्प: डिजिटल इंडिया और स्किल इंडिया से संवरेगा युवाओं का भविष्य

देहरादून: मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को गढ़ी कैंट स्थित हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित “राष्ट्र निर्माण उत्सव” में प्रतिभाग किया। ओहो रेडियो और ड्रीमर्स एड्यु हब के सहयोग से आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के संचार नेटवर्क को विस्तार देते हुए तीन नए रेडियो चैनलों का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने रेडियो की ऐतिहासिक महत्ता को याद करते हुए इसे राष्ट्र निर्माण और जन-संवाद का एक सशक्त माध्यम बताया।

रेडियो की विश्वसनीयता और ‘मन की बात’ का प्रभाव

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में रेडियो के साथ जुड़े अपने व्यक्तिगत और भावनात्मक अनुभवों को साझा किया। उन्होंने कहा कि एक दौर था जब रेडियो सूचना का सबसे विश्वसनीय स्रोत और मनोरंजन का मुख्य साधन हुआ करता था। गाँवों में लोग सामूहिक रूप से रेडियो पर समाचार सुनते थे। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “मन की बात” कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि पीएम मोदी ने रेडियो को फिर से मुख्यधारा में लाकर इसकी आत्मीयता को जीवित किया है। ओहो रेडियो का यह नया प्रयास उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ने की दिशा में एक सराहनीय कदम है।

स्टार्टअप और स्वरोजगार: नौकरी मांगने वाले नहीं, देने वाले बनें युवा

युवाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में युवाओं को केवल सरकारी नौकरियों पर निर्भर रहने के बजाय रोजगार सृजक (Job Creator) बनना होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया और डिजिटल इंडिया जैसी योजनाओं ने युवाओं के लिए नई राहें खोली हैं। उत्तराखण्ड सरकार भी राज्य में डिमांड-बेस्ड स्किल ट्रेनिंग और स्वरोजगार योजनाओं को प्राथमिकता दे रही है ताकि यहाँ का युवा ‘फ्यूचर-रेडी’ बन सके और आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने में अपना योगदान दे सके।

सांस्कृतिक संरक्षण और विकसित भारत का संकल्प

मुख्यमंत्री ने प्रदेश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत करने के सरकार के प्रयासों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने दून विश्वविद्यालय में “सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज” की स्थापना और “स्वामी विवेकानंद कॉरिडोर” के निर्माण को राष्ट्र निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यदि युवा शक्ति नवाचार और समर्पण के साथ आगे बढ़े, तो वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित और समृद्ध राष्ट्र बनाने का लक्ष्य अवश्य सिद्ध होगा।

राष्ट्र के भावी प्रहरियों का सम्मान

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सीडीएस (CDS) परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को विशेष रूप से बधाई दी और उन्हें राष्ट्र का ‘भावी प्रहरी’ बताया। इस उत्सव में फिल्म अभिनेता राकेश बेदी, मेजर प्राजुक्ता देसाई और आरजे काव्या समेत शिक्षा एवं कला जगत की कई गणमान्य हस्तियाँ मौजूद रहीं। मुख्यमंत्री ने उपस्थित युवाओं का आह्वान किया कि वे अपने व्यक्तिगत लक्ष्यों के साथ राष्ट्रहित को सदैव सर्वोपरि रखें।

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