देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में तथा राज्य को नशा मुक्त देवभूमि बनाने की उनकी संकल्पबद्ध पहल के अंतर्गत, जनपद चंपावत में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया है।
कुमाऊं परिक्षेत्र की पुलिस महानिरीक्षक रिद्धिम अग्रवाल के निर्देशानुसार, चंपावत एवं पिथौरागढ़ पुलिस की संयुक्त टीम ने लगभग 5 किलोग्राम 688 ग्राम नशीला पदार्थ (ड्रग) एमडीएमए बरामद किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत ₹10 करोड़ 23 लाख 84 हज़ार है।

इस प्रकरण में राहुल कुमार, उनकी पत्नी ईशा कुमार तथा कुनाल कोहली के विरुद्ध विधिसम्मत मुकदमा पंजीकृत किया गया है। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पूर्व पिथौरागढ़ जनपद में एक गोपनीय ड्रग लैब का भंडाफोड़ भी किया गया था। उसी क्रम में पिथौरागढ़ एवं चंपावत पुलिस द्वारा निरंतर गहन जांच एवं सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था।
प्राथमिक पूछताछ में यह तथ्य सामने आया है कि ईशा द्वारा उक्त नशीले पदार्थ (ड्रग) को नष्ट करने हेतु शारदा नदी में फेंकने अथवा अन्यत्र ठिकाने लगाने का प्रयास किया जा रहा था। यह रैकेट इन नशीले पदार्थों को देश के महानगरों में बेचने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा था।

ड्रग्स फ्री देवभूमि मिशन के तहत जनपद चंपावत में वर्ष 2024 से अब तक 122 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें 180 अभियुक्तों की गिरफ्तारी की गई है। इसी अवधि में ₹15 करोड़ से अधिक मूल्य के नशीले पदार्थों (ड्रग्स) का सीज़र किया गया है।
माननीय मुख्यमंत्री की पहल पर चल रहे “ड्रग फ्री उत्तराखंड मिशन” के अंतर्गत राज्यभर में निरंतर अभियान संचालित किए जा रहे हैं। नशा तस्करी पर प्रभावी रोकथाम, युवाओं में नशे के विरुद्ध जागरूकता, तथा सीमा क्षेत्रों में चौकसी जैसे कई रणनीतिक प्रयास वर्तमान सरकार द्वारा लगातार किए जा रहे हैं।
यह कार्रवाई न केवल उत्तराखंड को नशे से मुक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, बल्कि समाज को सुरक्षित और स्वस्थ बनाने की दिशा में भी एक ठोस एवं प्रेरणादायक पहल है।
