स्वास्थ्य ठीक नहीं रह रहा था उपराष्ट्रपति का, पहले एम्स में एडमिट हुए थे, डिस्चार्ज होने के बाद हर हफ्ते रूटीन चेकअप के लिए एम्स जाते है। हाल के दिनों में धनखड का स्वास्थ्य बेहतर हुआ है.. और उन्होने 4/5 किलो वजन कम किया है। लिहाजा स्वास्थ्य वजह समझ से परे है। पर उनके काम करने के तरीके से सरकार ओर पार्टी खुश नहीं थी। पिछले कुछ समय से वो विपक्षी नेताओं के ज्यादा करीब हो गए थे।
धनखड़ के बयानों ने सरकार को कई बार असहज किया था। विपक्ष और विपक्षी नेताओं के च बेहद करीब हो गए थे खासकर प्रमोद तिवारी, जयराम रमेश, राजीव शुक्ला.. राघव चड्ढा आदि।
इन नेताओं से व्यक्तिगत बैठक में कई बार धनखड ने सरकार के कई फैसलों पर अपनी असहमति भी जताई। साथ ही कई सत्ताधारी सांसदो ने भी धनखड़ के व्यवहार की शिकायत की थी।
साथ ही आज जस्टिस वर्मा को हटाने के विपक्ष के नोटिस को भी उन्होने सरकार/संसदीय कार्यमंत्री को लूप में लिए बिना ही राज्यसभा में जानकारी दी। पिछले कुछ समय से विपक्षी दलों और नेताओं की सार्वजनिक बडाई भी कर रहे थे सूत्रो का कहना है कि कल अरविंद केजरीवाल उपराष्ट्रपति से मिले, संजय सिंह भी थे। उस मुलाकात में केजरीवाल से धनखड ने पीएम और अमित शाह के खिलाफ बोला साथ ही ये कहा कि ये मुझे हटाना चाहते हैं और इनका व्यवहार ठीक नही है।
आज सुबह खरगे से अपने चैंबर में 25 मिनट से ज्यादा देर मिले, हालाँकि खरगे का जन्मदिन भी था। ये सब बातें सरकार को ठीक नहीं लगी और धनखड को लेकर अपना मन बना लिया। जिसके बाद पीएम मोदी के साथ अमित शाह, राजनाथ सिंह, जेपीनड्डा, संसदीय कार्यमंत्री, जयशंकर, निर्मला की बैठक हुई जो एक घंटे से ज्यादा देर तक चली। इस बैठक को धनखड के हाल के रवैए और इस्तीफे से जोड़ा जा रहा है। जिसके बाद राजनाथ सिंह के साथ ये सभी मंत्री बैठे.. फिर एक एक करके राज्यसभा के एनडीए सांसदों को बुलाकर दस्तखत कराया गया।
एनडीए नेता और बीजेपी के कुछ भरोसेमंद सांसदों से एक पेज पर दस्तखत कराए गए जिसपर कुछ लाईने लिखी हुई थी। बाकि राज्यसभा सांसदो से खाली पन्ने पर साईन कराया गया जो कि साईन वाले पेज का एक्सटेंशन/अटैचमेंट था। सूत्रो का कहना है कि ये दस्तखत धनखड़ पर दबाव बनाने के लिए कराए गए ताकि अगर वो नहीं माने तो सरकार के पास हटाने जैसे दूसरे विकल्प भी है।
धनखड़ सरकार और पार्टी के रूख को भांप गए और स्वास्थ्य कारणो से इस्तीफा दे दिया।
अब चूकि इस्तीफा दे चुके है लिहाजा राष्ट्रपति जब इस्तीफा स्वीकार करेगी तो अगले उपराष्ट्रपति के चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी ।अगले उपराष्ट्रपति के लिए रामनाथ ठाकुर/निर्मला और हरवंश जी के नाम की चर्चा है।
