उत्तराखंड के मंदिरों के बाहर से हटेगा अतिक्रमण, मनसा देवी घटना के बाद हरकत में आया महकमा

उत्तराखंड के धार्मिक स्थलों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने आज सचिवालय में अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में सीएस ने उत्तराखंड के मंदिरों के बाहर से अतिक्रमण  हटाने के निर्देश दिए।

श्रद्धालुओं की भीड़ को काबू करने के लिए की जाए व्यवस्था

सीएस बर्द्धन ने बैठक में कहा कि हरिद्वार के मनसा देवी में श्रद्धालुओं में हुई भगदड़ जैसी घटनाओं पर काबू पाने के लिए प्रदेश के ऐसे सभी धार्मिक स्थलों को चिह्नित किया जाए। सीएस ने कहा महत्त्वपूर्ण दिवसों में श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ के कारण भगदड़ जैसी घटनाओं की आशंका वाले स्थानों में अंशकालिक और दीर्घकालिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए।

धार्मिक स्थलों के मार्गों को कराया जाए अतिक्रमण मुक्त : CS

सीएस ने कहा कि धार्मिक स्थलों के मार्गों को अतिक्रमण मुक्त कर मार्गों का चौड़ीकरण कराया जाए। मार्गों से अतिक्रमण हटाने के लिए लगातार अभियान चलाए जाएं। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों में भीड़ प्रबंधन के लिए तकनीक का प्रयोग भी किया जाए। सीएस ने कहा धार्मिक स्थलों में अत्यधिक भीड़ होने पर मार्गों में श्रद्धाओं को रोके जाने के लिए स्थल तैयार किए जाएं।

धार्मिक स्थलों के लिए किया जाए रूट और सर्कुलेशन प्लान तैयार

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि हर एक धार्मिक स्थल के लिए रूट और सर्कुलेशन प्लान तैयार किया जाए, ताकि धार्मिक स्थलों में अचानक भीड़ ना हो। उन्होंने अधिक महत्त्वपूर्ण मंदिरों को प्राथमिकता पर लेते हुए पहले चरण में मनसा देवी, चंडी देवी, नीलकंठ, कैंची धाम और पूर्णागिरि मंदिर का विशेषज्ञों के माध्यम से विश्लेषण करा लिया जाए।

मंदिरों का विश्लेषण कर SOP तैयार करने के दिए निर्देश

सीएस ने कहा कि प्रशासन और धार्मिक स्थलों के हितधारकों को विशेषज्ञों की टीम को हर प्रकार की सहायता उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यह विशेषज्ञों की टीम मंदिर क्षेत्र का विश्लेषण कर भीड़ प्रबंधन, निकासी योजना और बॉटल नेक एरिया के लिए सिविल इंजीनियरिंग और तकनीकी पहलुओं का परीक्षण कर विभिन्न जगहों पर रुकने के स्थान के लिए एक प्रॉपर प्लान और प्रॉपर एसओपी तैयार करेगी।

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