Uttarakhand News: धामी सरकार ने धर्म स्वतंत्रता विधेयक जबरन धर्म परिवर्तन रोकने के लिए इस कानून को कड़ा और विस्तारित किया जा रहा है. तीन साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान किया जा रहा है.
देहरादूनः उत्तराखंड की धामी सरकार ने दो दिन चले विधानसभा सत्र में कुल 9 विधेयकों को पास कराया, जो कि अब कानून का रूप ले चुके हैं. इन विधेयकों में मुख्य रूप से बजट, धार्मिक स्थल, समान नागरिक संहिता, निजी विश्वविद्यालयों और अल्पसंख्यक शिक्षा से जुड़े थे. हालांकि अब ये कानून हो चुके हैं. दो दिन चली विधानसभा में खूब हंगामा हुआ. विपक्ष के विधायकों ने यह पुरजोर कोशिश की किसी भी तरह के विधेयक पास ना हों. लेकिन सरकार ने भी विधायकों के हंगामे के बीच ही ये सारे विधेयक पास करा लिया.
आइए जानते हैं वो कौन से 9 विधेयक थे, जो अब कानून बन गए हैं
1.2025-26 के लिए अनुपूरक बजट – अतिरिक्त खर्चों की मंजूरी के लिए.
2.बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर कानून में संशोधन – मंदिरों से जुड़े पुराने कानून में बदलाव किया गया है.
3.धर्म स्वतंत्रता कानून में संशोधन – जबरन धर्म परिवर्तन रोकने के लिए इस कानून को कड़ा और विस्तारित किया जा रहा है. तीन साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान किया जा रहा है.
4.निजी विश्वविद्यालय कानून में संशोधन – निजी यूनिवर्सिटी से जुड़े नियमों में बदलाव.
5.साक्षी संरक्षण कानून को खत्म करने का प्रस्ताव – पुराने कानून को हटाने का प्रस्ताव.
6.अल्पसंख्यक शिक्षा विधेयक – अल्पसंख्यकों की शिक्षा से जुड़ा नया कानून. सरकार मदरसा बोर्ड को खत्म कर अब अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन करने जा रही है, इसे प्रवर समिति को भी रेफर किया जा सकता है.
7.समान नागरिक संहिता में संशोधन – शादी आदि के रजिस्ट्रेशन की समय सीमा बढ़ाई जा रही
8.पंचायतीराज कानून में संशोधन – अभी कुछ निकायों में चुनाव होने बाक़ी है, उनमें आरक्षण से संबंधित कुछ मसलों पर विधानसभा की मंज़ूरी ली जाएगी.
9.लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधेयक – आपातकाल के दौरान जेल गए आंदोलनकारियों को सम्मान स्वरूप पेंशन देने जा रही है सरकार.
