मुख्यमंत्री धामी का सख्त आदेश: “उत्तराखंड में कानून से समझौता नहीं, अपराध हुआ तो तय होगी हर स्तर पर जवाबदेही”

देहरादून: प्रदेश में शांति व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों के हौसले पस्त करने के लिए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। बुधवार को मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में सीएम धामी ने पुलिस और शासन के आला अधिकारियों को दो टूक शब्दों में निर्देश दिए कि प्रदेश में “अपराध मुक्त उत्तराखण्ड” का संकल्प हर हाल में पूरा होना चाहिए।

🚨 “रिजल्ट चाहिए, लापरवाही बर्दाश्त नहीं”

मुख्यमंत्री ने डीजीपी और गृह विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि पुलिस की कार्यप्रणाली केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर परिणामोन्मुखी (Result-oriented) होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता को सुरक्षा का एहसास होना चाहिए और अपराधियों के मन में कानून का खौफ।

📍 बैठक के मुख्य निर्देश:

  • तत्काल एफआईआर (FIR): मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि किसी भी अपराध की सूचना मिलने पर बिना किसी देरी के तत्काल मुकदमा दर्ज किया जाए। मुकदमे दर्ज करने में आनाकानी करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।

  • संगठित अपराध पर प्रहार: आदतन अपराधियों और संगठित गिरोह चलाने वालों पर सख्त निगरानी रखी जाए। ऐसे तत्वों के विरुद्ध कठोरतम विधिक प्रावधानों के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

  • जवाबदेही तय: सीएम ने कहा कि अब केवल छोटे कर्मचारियों पर गाज नहीं गिरेगी, बल्कि हर स्तर पर जवाबदेही (Accountability) तय की जाएगी। यदि किसी क्षेत्र में अपराध बढ़ता है, तो संबंधित अधिकारियों को जवाब देना होगा।

संवेदनशील क्षेत्रों में बढ़ेगी गश्त

मुख्यमंत्री ने सुरक्षा के ढांचे को मजबूत करने के लिए पुलिस को सक्रिय होने के आदेश दिए:

  1. सघन पेट्रोलिंग: संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पुलिस गश्त और सीसीटीवी निगरानी बढ़ाई जाए।

  2. थाना-चौकी सुदृढ़ीकरण: थानों और चौकियों की कार्यप्रणाली को और अधिक आधुनिक और जन-मैत्रीपूर्ण बनाया जाए।

  3. यातायात और सुरक्षा अभियान: शहरों में यातायात व्यवस्था सुधारने और असामाजिक तत्वों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए।

“शांति और सुशासन सर्वोच्च प्राथमिकता”

मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि उनकी सरकार सुशासन (Good Governance) के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रदेश की शांति भंग करने वाले या कानून हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

“हमारा संकल्प अपराध मुक्त उत्तराखण्ड है। आम नागरिक सुरक्षित महसूस करें और अपराधियों को पता हो कि देवभूमि में उनके लिए कोई जगह नहीं है।”पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

बैठक में उपस्थित रहे वरिष्ठ अधिकारी

इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक (DGP), सचिव गृह, एडीजीपी (लॉ एंड ऑर्डर), गढ़वाल कमिश्नर समेत शासन और पुलिस प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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