आपदा से प्रभावित सड़कों के पुनर्निर्माण को लेकर मुख्यमंत्री धामी ने की नितिन गडकरी से मुलाकात, केंद्रीय सहयोग का किया अनुरोध

धामी ने केंद्रीय मंत्री गडकरी और मनोहर लाल से मुलाकात की ; धराली आपदा, 2027 के कुंभ पर हुई चर्चा

नयी दिल्ली, 22 अगस्त, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को नयी दिल्ली में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मनोहर लाल खट्टर से अलग-अलग मुलाकात कर धराली में पुलों एवं सड़कों को हालिया आपदा में हुए नुकसान और राज्य में 2027 में होने वाले कुंभ के आयोजन से जुड़े विषयों पर चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री गडकरी से मुलाकात के दौरान उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद स्थित धराली में सड़कों और पुलों को हुए व्यापक नुकसान का उल्लेख करते हुए इनकी शीघ्र मरम्मत और पुनर्निर्माण के लिए केंद्र से सहयोग का अनुरोध किया।

राज्य सरकार की एक विज्ञप्ति के अनुसार, गडकरी ने धामी को सभी आवश्यक सहायता दिये जाने का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ अपनी मुलाकात के दौरान राज्य के ऋषिकेश, हरिद्वार और अन्य तीर्थ क्षेत्रों में 2027 में आयोजित होने वाले कुंभ को ध्यान में रखते हुए बुनियादी ढांचे के विकास तथा आवास योजनाओं से जुड़े विषयों पर केंद्र से सहयोग का अनुरोध किया।

धामी ने केंद्रीय मंत्री को यह जानकारी भी दी कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के दिशानिर्देशों के अंतर्गत ‘व्हाइटलिस्टिंग और रिडीमेबल वाउचर’ प्रणाली के कारण निजी डेवलपर परियोजनाओं में रूचि नहीं दिखा रहे हैं।

उन्होंने योजना के कार्यान्वयन में तेजी लाने के लिए पूर्ववर्ती चरणबद्ध भुगतान प्रणाली को पुन: लागू करने का खट्टर से अनुरोध किया।

धामी ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर) वर्ग के लाभार्थियों को अग्रणी बैंकों से ऋण सुविधा नहीं मिल पाने का उल्लेख करते हुए केंद्र से इस संबंध में बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों को दिशानिर्देश जारी करने का अनुरोध किया ताकि अधिक से अधिक लाभार्थी योजना का लाभ उठा सकें।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को इस बात से भी अवगत कराया कि राज्य सरकार ऋषिकेश-गंगा, हरिद्वार-गंगा और टनकपुर स्थित शारदा रिवरफ्रंट को विश्व स्तरीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के रूप में विकसित कर रही है।

उन्होंने कंपनी सामाजिक दायित्व (सीएसआर) निधि से 100 करोड़ रुपये के सहयोग का अनुरोध करते हुए कहा कि इससे न केवल ‘नमामि गंगे’ कार्यक्रम को बल मिलेगा, बल्कि सतत पर्यटन और स्थानीय आजीविका को भी बढ़ावा मिलेगा।

केंद्रीय मंत्री खट्टर ने भी उन्हें हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

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