उत्तराखण्ड कैबिनेट के महत्वपूर्ण निर्णय (11 दिसंबर 2025)
मुख्य शीर्षक: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक संपन्न, कई जनहितैषी निर्णय लिए गए
1. विद्युत पारेषण लाइनों के लिए मुआवजे में भारी वृद्धि, RoW विवादों का स्थायी समाधान
– भारत सरकार के दिशा-निर्देशों को अंगीकृत करने का निर्णय
– 66 के.वी. एवं उससे अधिक की अंतर्राज्यीय लाइनों के लिए टावर के चारों कोनों + 1 मीटर परिधि की भूमि पर अब **सर्किल रेट का दोगुना** मुआवजा
– लाइन के नीचे आने वाली कृषि भूमि के लिए:
– ग्रामीण क्षेत्र: सर्किल रेट का **30%**
– अर्द्ध-नगरीय क्षेत्र: **45%**
– नगरीय क्षेत्र: **60%**
– सर्किल रेट और मार्केट रेट में बहुत अंतर होने पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति (जिसमें भू-स्वामी प्रतिनिधि भी शामिल) अंतिम दर निर्धारित करेगी
2. छोटे अपराधों को डी-क्रिमिनलाइज करने के लिए ‘उत्तराखण्ड जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) अध्यादेश 2025’ को मंजूरी
– छोटे/विनियामक अपराधों में जेल के स्थान पर केवल मौद्रिक दंड
– जहां जरूरी हो वहां दंड बढ़ाया गया या आनुपातिक बनाया गया
– सभी जुर्माने/दंड हर तीन साल में स्वतः **10 प्रतिशत** बढ़ेंगे
– अप्रचलित एवं अनावश्यक कानूनी प्रावधान हटाए जाएंगे
3. ग्रीन बिल्डिंग को प्रोत्साहन: नवीन भवनों के लिए अतिरिक्त FAR की मंजूरी
– भारत सरकार की SASCI 2025-26 स्कीम के तहत ग्रीन बिल्डिंग मानक अपनाने पर अतिरिक्त फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) की सुविधा
4. भवन निर्माण एवं विकास उपविधि में बड़े संशोधन, निवेश को मिलेगा बढ़ावा
कैबिनेट ने निम्नलिखित प्रावधानों को युक्तिसंगत बनाने को स्वीकृति दी:
– मार्ग चौड़ाई
– व्यावसायिक भवनों के सेट-बैक
– भू-आच्छादन एवं FAR
– होटलों की ऊँचाई
– रिजॉर्ट एवं इको-रिजॉर्ट के लिए भू-आच्छादन एवं FAR
– पहुंच मार्ग एवं स्टिल्ट पार्किंग की ऊँचाई मानक
5. पर्यटन को बड़ी राहत: अब सामान्य रिजॉर्ट भी कृषि भूमि पर बिना भू-उपयोग परिवर्तन के बन सकेंगे
– इको-रिजॉर्ट की तर्ज पर अब सामान्य रिजॉर्ट भी कृषि भूमि पर बनाए जा सकेंगे
– पहुंच मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई:
– पर्वतीय क्षेत्र: **6 मीटर** (पहले अधिक थी)
– मैदानी क्षेत्र: **9 मीटर**
6. बड़े टाउनशिप प्रोजेक्ट्स के लिए नया नियमावली को मंजूरी
– **Uttarakhand Town Planning Scheme (Implementation) Rules, 2025** प्रख्यापित
– सभी आय वर्गों के लिए एकीकृत सड़क नेटवर्क, आवास एवं सुविधाओं वाली बड़ी टाउनशिप्स को बढ़ावा
7. लैंड पूलिंग स्कीम को कानूनी आधार
– **Uttarakhand Land Pooling Scheme (Implementation) Rules, 2025** को स्वीकृति
– शहरी क्षेत्रों में बिना किसी अड़चन के योजनाबद्ध विकास हेतु भूमि प्राप्ति आसान
8. उत्तराखण्ड तकनीकी विश्वविद्यालय में फैकल्टी भर्ती अब विश्वविद्यालय स्तर पर
– अब लोक सेवा आयोग की बजाय विश्वविद्यालय खुद फैकल्टी भर्ती करेगा (अन्य राज्य विश्वविद्यालयों की तरह)
इन निर्णयों से राज्य में आधारभूत संरचना, पर्यटन, आवास, निवेश और प्रशासनिक सुगमता को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा।
