पीरियड्स या मासिक धर्म महिलाओं के जीवन की एक प्राकृतिक और महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। हालांकि, इस दौरान होने वाला असहनीय दर्द (Menstrual Cramps), पेट में ऐंठन, कमर दर्द और थकान कई बार दैनिक कार्यों को प्रभावित करती है।
आयुर्वेद के अनुसार, यह वात दोष के असंतुलन का परिणाम है, जबकि विज्ञान इसे प्रोस्टाग्लैंडीन (Prostaglandin) नामक रसायन से जोड़ता है, जो गर्भाशय की मांसपेशियों में संकुचन पैदा करता है। अच्छी खबर यह है कि आप अपनी जीवनशैली में कुछ छोटे बदलाव करके इस दर्द को काफी हद तक कम कर सकती हैं।
1. सुबह की शुरुआत करें गर्म पानी के साथ
पीरियड्स के दौरान हाइड्रेटेड रहना बहुत जरूरी है। सुबह उठते ही एक गिलास गर्म पानी पीना न केवल पाचन तंत्र को मजबूत करता है, बल्कि गर्भाशय की मांसपेशियों को भी आराम पहुँचाता है।
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आयुर्वेदिक लाभ: यह शरीर की ‘अग्नि’ को बढ़ाता है और जकड़न दूर करता है।
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वैज्ञानिक लाभ: गर्म पानी से ब्लड सर्कुलेशन (रक्त संचार) बेहतर होता है, जिससे मांसपेशियों का खिंचाव कम होता है।
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टिप: आप इसमें अदरक या हर्बल चाय भी शामिल कर सकती हैं।
2. गुनगुने पानी से स्नान (Warm Bath)
पीरियड्स के दिनों में ठंडे पानी से नहाने से बचें, क्योंकि यह मांसपेशियों को और सिकोड़ सकता है।
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स्वेदन चिकित्सा: आयुर्वेद में गुनगुने पानी से नहाने को ‘स्वेदन’ कहा जाता है, जो शरीर की जकड़न को बाहर निकालता है।
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तंत्रिका तंत्र को आराम: गुनगुना पानी शरीर की नसों को शांत करता है, जिससे मानसिक तनाव और शारीरिक दर्द दोनों में राहत मिलती है।
3. पोषण से भरपूर नाश्ता: मैग्नीशियम और पोटेशियम का जादू
पीरियड्स में शरीर को अतिरिक्त ऊर्जा की आवश्यकता होती है। सही नाश्ता आपके मूड और दर्द दोनों को नियंत्रित कर सकता है।
4. योग और हल्की एक्सरसाइज का सहारा लें
अक्सर दर्द के कारण हम हिलना-डुलना बंद कर देते हैं, लेकिन हल्की स्ट्रेचिंग वास्तव में फायदेमंद होती है।
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एंडोर्फिन का स्राव: व्यायाम करने से शरीर में एंडोर्फिन (Endorphins) नामक हार्मोन निकलता है, जिसे ‘नेचुरल पेनकिलर’ भी कहा जाता है।
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अनुशंसित आसन: भुजंगासन, मार्जरीआसन और बालानसन जैसे योग पेट की मांसपेशियों में रक्त प्रवाह बढ़ाते हैं।
5. हॉट वाटर बैग: सिकाई का पुराना और असरदार तरीका
पेट के निचले हिस्से और कमर की सिकाई करना पीरियड्स दर्द के लिए सबसे तेज उपचारों में से एक है।
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कैसे काम करता है? जब आप हॉट वाटर बैग या हीटिंग पैड का उपयोग करती हैं, तो गर्मी नसों को फैला देती है। इससे गर्भाशय तक ऑक्सीजन का प्रवाह बढ़ता है और दर्द कम हो जाता है।
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प्रो टिप: सिकाई के लिए आजकल इलेक्ट्रिक हीटिंग पैड भी बाजार में उपलब्ध हैं जो उपयोग में आसान हैं।
पीरियड्स का दर्द कोई ऐसी समस्या नहीं है जिसे आप नजरअंदाज करें। ये छोटी-छोटी आदतें—जैसे गर्म पानी पीना, संतुलित आहार और सही सिकाई—आपको इन 5 दिनों में सक्रिय और खुशमिजाज बनाए रख सकती हैं।
नोट: यदि पीरियड्स का दर्द सामान्य से बहुत ज्यादा है या आपकी जीवनशैली को पूरी तरह बाधित कर रहा है, तो कृपया किसी स्त्री रोग विशेषज्ञ (Gynecologist) से सलाह जरूर लें।
