सांकरी विंटर फेस्टिवल: सीएम धामी ने केदारकांठा महोत्सव का किया आगाज, बोले- ‘शीतकालीन पर्यटन बनेगा आत्मनिर्भर उत्तराखंड की नींव’

उत्तरकाशी (सांकरी): उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज उत्तरकाशी जिले के प्रसिद्ध पर्यटन केंद्र सांकरी में आयोजित ‘केदारकांठा पर्यटन तीर्थाटन शीतकालीन महोत्सव’ में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। पारंपरिक ऊनी परिधान में सजे मुख्यमंत्री का स्थानीय जनता ने भव्य स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि राज्य का भविष्य “विकास भी और विरासत भी” के मंत्र में निहित है।

शीतकालीन पर्यटन: पलायन पर प्रहार और रोजगार का नया द्वार

महोत्सव को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान के बाद उत्तराखंड में विंटर टूरिज्म को लेकर एक नई लहर दौड़ पड़ी है।

  • जन आंदोलन का आह्वान: मुख्यमंत्री ने शीतकालीन पर्यटन को एक जन आंदोलन बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि केदारकांठा, हर्षिल, औली और मुनस्यारी जैसे क्षेत्र अब केवल गर्मियों के पर्यटन स्थल नहीं रहे, बल्कि सर्दियों में भी पर्यटकों की पहली पसंद बन रहे हैं।

  • आत्मनिर्भर उत्तराखंड: सीएम ने जोर देकर कहा कि शीतकालीन पर्यटन के बढ़ने से स्थानीय युवाओं को ट्रेकिंग गाइड, होम-स्टे और होटल व्यवसाय के माध्यम से घर पर ही रोजगार मिल रहा है, जिससे पलायन में बड़ी कमी आई है।

सांकरी: लोक संस्कृति का जीवंत संग्रहालय

पहली बार सांकरी पहुंचे मुख्यमंत्री यहाँ की वास्तुकला और पहाड़ी जीवनशैली से मंत्रमुग्ध दिखे।

  • विरासत का सम्मान: उन्होंने कहा कि सांकरी गांव उत्तराखंड की लोक संस्कृति का जीता-जागता उदाहरण है। यह महोत्सव हमारी आस्था, परंपरा और स्वाभिमान का उत्सव है।

  • स्थानीय उत्पादों को बाजार: मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया और कहा कि ऐसे आयोजनों से हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजनों और स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी।

विकास की रफ्तार: कनेक्टिविटी से लेकर स्वास्थ्य तक

मुख्यमंत्री ने उत्तरकाशी जिले में चल रही विकास योजनाओं का रिपोर्ट कार्ड भी पेश किया:

  1. इंफ्रास्ट्रक्चर: जिले में पार्किंग निर्माण और सड़क परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है।

  2. स्वास्थ्य: पुरोला उप जिला चिकित्सालय के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है।

  3. शिक्षा: उन्होंने टटाउ महाविद्यालय के सड़क मार्ग को सरकारी घोषणाओं में शामिल करने का आश्वासन दिया।

दृढ़ संकल्प की मिसाल: सिलक्यारा टनल और कड़े कानून

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने सिलक्यारा टनल हादसे का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 41 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालना सरकार की संवेदनशीलता और अटूट संकल्प का प्रतीक था। साथ ही, उन्होंने राज्य में लागू किए गए ऐतिहासिक फैसलों की याद दिलाई:

  • समान नागरिक संहिता (UCC)देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून

  • भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति

क्षेत्रीय मांग पर सकारात्मक रुख

विधायक दुर्गेश्वर लाल द्वारा सौंपे गए मांग पत्र पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए दी गई मांगों का परीक्षण कर उन्हें जल्द ही मुख्यमंत्री की घोषणाओं में शामिल किया जाएगा।

उपस्थिति: इस अवसर पर विधायक दुर्गेश्वर लाल, जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान, भाजपा जिलाध्यक्ष नागेंद्र चौहान सहित भारी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि और देश-विदेश से आए पर्यटक उपस्थित रहे।

“सांकरी की यह पावन धरती और यहाँ के लोगों का स्नेह दर्शाता है कि उत्तराखंड अपनी जड़ों से जुड़ा हुआ है। हमारा लक्ष्य उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाना है।”पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

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