देवभूमि रजत उत्सव: मुख्यमंत्री धामी ने राज्य आंदोलनकारियों को किया नमन, बोले– “रिवर्स पलायन और रोजगार में देश का नेतृत्व कर रहा है उत्तराखंड”

उत्तरकाशी: उत्तराखंड राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित तीन दिवसीय “देवभूमि रजत उत्सव एवं शीतकालीन चारधाम यात्रा कार्यक्रम” का भव्य समापन हुआ। कार्यक्रम के अंतिम दिन मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने राज्य आंदोलनकारियों को सम्मानित किया और उत्तराखंड के गांधी कहे जाने वाले स्व. इंद्रमणि बडोनी को उनकी जयंती पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

शहीदों और मातृशक्ति को समर्पित 25 वर्षों का सफर

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को रजत जयंती वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज का उत्तराखंड उन वीर शहीदों और आंदोलनकारियों के संघर्षों का परिणाम है जिन्होंने पृथक राज्य का सपना देखा था।

  • मातृशक्ति का योगदान: सीएम ने विशेष रूप से महिलाओं की सराहना करते हुए कहा कि राज्य निर्माण से लेकर आज ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने तक, हमारी मातृशक्ति की भूमिका अविस्मरणीय है।

  • सम्मान: मुख्यमंत्री ने मंच से राज्य आंदोलनकारियों को सम्मानित कर उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।

शीतकालीन चारधाम यात्रा और स्थानीय अर्थव्यवस्था

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब उत्तराखंड में पर्यटन केवल कुछ महीनों तक सीमित नहीं है।

  • 12 महीने पर्यटन: मुखबा-हर्षिल से शीतकालीन यात्रा को प्रोत्साहित कर अब पूरे वर्ष पर्यटन गतिविधियों को संचालित किया जा रहा है।

  • एक जिला-एक फेस्टिवल: सरकार अब हर जिले की विशिष्ट पहचान को उत्सव के रूप में मनाने की नीति पर काम कर रही है।

  • लखपति दीदी: स्थानीय अर्थव्यवस्था में सुधार का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि अकेले उत्तरकाशी जनपद में 12 हजार से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।

उपलब्धियों का ‘रजत’ दौर: नीति आयोग के इंडेक्स में नंबर 1

मुख्यमंत्री ने सरकार की पिछले कुछ वर्षों की प्रमुख उपलब्धियां गिनाईं:

  1. सतत विकास लक्ष्य (SDG): नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य इंडेक्स में उत्तराखंड देश भर में प्रथम स्थान पर रहा है।

  2. रिवर्स पलायन: पलायन निवारण आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में रिवर्स पलायन में 44% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

  3. रोजगार: पारदर्शिता के साथ अब तक 26,500 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं।

  4. निवेश: इन्वेस्टर समिट के माध्यम से ₹1 लाख करोड़ से अधिक का निवेश धरातल पर उतारा गया है।

आपदा प्रबंधन और भविष्य की तैयारी

प्राकृतिक चुनौतियों पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदाओं को रोकना संभव नहीं है, लेकिन बेहतर तैयारी से नुकसान को कम किया जा सकता है।

  • लेक मॉनिटरिंग सिस्टम: उच्च हिमालयी क्षेत्रों में स्थित झीलों की निगरानी के लिए आधुनिक सिस्टम लगाने पर काम चल रहा है।

  • धराली आपदा पीड़ित: मुख्यमंत्री ने धराली क्षेत्र के आपदा पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त की और उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया।

कार्यक्रम में गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति

इस ऐतिहासिक उत्सव में विधायक सुरेश चौहान, भाजपा जिलाध्यक्ष नागेन्द्र चौहान, राज्य मंत्री राम सुंदर नौटियाल, पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण, केदार सिंह रावत, जिलाधिकारी प्रशांत आर्य और सूचना विभाग के अपर निदेशक आशीष कुमार त्रिपाठी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

“हमारा लक्ष्य उत्तराखंड के हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों को ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड के जरिए वैश्विक पहचान दिलाना है। आत्मनिर्भर उत्तराखंड अब केवल एक नारा नहीं, बल्कि धरातल पर उतरती हकीकत है।”पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

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