उत्तराखंड में 23 जनवरी को भारी बारिश और बर्फबारी का अलर्ट: मुख्यमंत्री के निर्देश पर आपदा प्रबंधन विभाग हाई अलर्ट पर

देहरादून, 21 जनवरी 2026

उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम करवट लेने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने आगामी 23 जनवरी को प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश और बर्फबारी की चेतावनी जारी की है। इस अलर्ट को देखते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा प्रबंधन विभाग को अत्यधिक सतर्कता बरतने और एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

जनपदों के लिए ऑरेंज और यलो अलर्ट

मौसम विभाग की भविष्यवाणी के अनुसार, राज्य के पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों को दो श्रेणियों में बांटा गया है:

  • ऑरेंज अलर्ट (Orange Alert): उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़। इन उच्च हिमालयी जनपदों में भारी बर्फबारी की संभावना है।

  • यलो अलर्ट (Yellow Alert): देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, पौड़ी, अल्मोड़ा और नैनीताल। यहाँ बारिश और ओलावृष्टि के साथ शीतलहर का प्रकोप रह सकता है।

आपदा प्रबंधन विभाग की समीक्षा बैठक

मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद, सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने आज सभी संबंधित जनपदों और विभागों के अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में संभावित बर्फबारी, पाला और शीतलहर से निपटने के लिए तैयारियों का जायजा लिया गया।

सरकार द्वारा उठाए गए प्रमुख कदम:

1. स्वास्थ्य एवं सुरक्षा प्राथमिकता: सचिव ने विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की सुरक्षा पर जोर दिया है। दुर्गम और उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने के लिए एंबुलेंस सेवाओं को सक्रिय रखने और आवश्यकतानुसार महिलाओं को पहले ही नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराने के निर्देश दिए गए हैं।

2. सड़कों से बर्फ हटाने की तैयारी: बर्फबारी के कारण मार्ग अवरुद्ध न हों, इसके लिए संवेदनशील मार्गों पर जेसीबी (JCB) और स्नो कटरमशीनों की अग्रिम तैनाती के आदेश दिए गए हैं। पाला प्रभावित सड़कों पर फिसलन कम करने के लिए नमक और चूने के छिड़काव के निर्देश भी जारी किए गए हैं।

3. राहत एवं बचाव कार्य:

  • अलाव और कंबल: सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलाने और जरूरतमंदों को समय पर कंबल वितरण सुनिश्चित करने को कहा गया है।

  • पशुधन सुरक्षा: पशुपालन विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि पशुओं को ठंड और पाले से बचाने के लिए उचित इंतजाम किए जाएं।

  • कंट्रोल रूम: राज्य और जिला स्तर पर आपदा नियंत्रण कक्ष 24×7 सक्रिय रहेंगे। किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र को देने के निर्देश दिए गए हैं।

4. विभागों को अलर्ट मोड: पुलिस, स्वास्थ्य, लोक निर्माण (PWD), विद्युत और पेयजल विभाग को किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। पाला प्रभावित क्षेत्रों में यातायात को नियंत्रित या आवश्यकतानुसार प्रतिबंधित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन की अपील: सरकार ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों से अपील की है कि वे मौसम की जानकारी लेने के बाद ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं और ऊँचाई वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।

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