देवभूमि में अतिक्रमण पर ‘धामी’ का प्रहार: धार्मिक संरचनाओं की आड़ में अवैध कब्जों पर चलेगा डंडा

देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य की जनसांख्यिकीय अखंडता और सार्वजनिक भूमि की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि राज्य में धार्मिक प्रतीकों या संरचनाओं का सहारा लेकर सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वालों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करेगी। उनका उद्देश्य न केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना है, बल्कि आने वाली पीढ़ी के भविष्य को सुरक्षित करना भी है।

“अतिक्रमण मुक्त” देवभूमि का संकल्प

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड एक आध्यात्मिक केंद्र है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि धर्म की आड़ में कानून का उल्लंघन किया जाए। राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘एंटी-एनक्रोचमेंट ड्राइव’ के तहत अब तक हजारों एकड़ सरकारी भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया जा चुका है।

सीएम के संबोधन के मुख्य बिंदु:

  • समान कानून: अतिक्रमण चाहे किसी भी स्वरूप में हो, उसे हटाया जाएगा। कानून सबके लिए बराबर है।

  • भविष्य की सुरक्षा: मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि आज की सख्त कार्रवाई प्रदेश के बच्चों के उज्ज्वल और सुरक्षित भविष्य की नींव रखेगी।

  • धार्मिक पहचान का संरक्षण: देवभूमि की मूल सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को बनाए रखने के लिए अवैध निर्माणों को हटाना अनिवार्य है।

“हम उत्तराखंड के स्वरूप को बिगड़ने नहीं देंगे। सरकारी जमीनों पर धार्मिक संरचनाओं की आड़ में जो अतिक्रमण किया गया है, उसे बर्दाश्त करने का सवाल ही नहीं उठता। हमारा लक्ष्य उत्तराखंड के बच्चों को एक स्वच्छ और सुरक्षित परिवेश देना है।”पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

क्यों जरूरी है यह कार्रवाई?

शासन के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में सड़क किनारे, वन भूमि और नदियों के तट पर कई अवैध मजारें और अन्य धार्मिक ढांचे खड़े कर दिए गए थे। इससे न केवल यातायात और पर्यावरण में बाधा आ रही थी, बल्कि राज्य की सुरक्षा और जनसांख्यिकी (Demography) पर भी सवाल उठ रहे थे।

कार्रवाई का खाका: एक नजर में

श्रेणी सरकारी कार्रवाई का स्वरूप
लक्ष्य सरकारी भूमि, वन विभाग की जमीन और सार्वजनिक मार्ग।
प्रक्रिया राजस्व और वन विभाग द्वारा चिह्नीकरण के बाद ध्वस्तीकरण।
दृष्टिकोण बिना किसी भेदभाव के निष्पक्ष जांच और कार्रवाई।
उद्देश्य बच्चों का भविष्य, सुरक्षित बुनियादी ढांचा और पर्यटन विकास।

भविष्य की ओर बढ़ता उत्तराखंड

मुख्यमंत्री का यह बयान राज्य में चल रहे ‘लैंड जिहाद’ के खिलाफ अभियान और सरकारी संपत्तियों के संरक्षण की दिशा में एक निर्णायक मोड़ माना जा रहा है। सरकार का संदेश साफ है—विकास और सुरक्षा के रास्ते में आने वाला कोई भी अवैध रोड़ा, चाहे वह किसी भी आड़ में हो, हटाया जाएगा।

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