देहरादून: मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के ‘सुनियोजित शहर और पारदर्शी प्रशासन’ के संकल्प को पूरा करने के लिए आवास विभाग ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। इसी क्रम में आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने आज उत्तराखंड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण (UHUDA) और आवास एवं विकास परिषद के कार्यालयों का औचक निरीक्षण कर कार्यप्रणाली का बारीकी से अवलोकन किया।
तकनीक से सुधरेगी सेवा: ‘ईज एप’ बनेगा और भी आसान
डिजिटल इंडिया की दिशा में कदम बढ़ाते हुए सचिव आवास ने ऑनलाइन मानचित्र स्वीकृति प्रणाली ‘ईज एप’ (Ease App) को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
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एकीकरण: अब राज्य के सभी जिला स्तरीय विकास प्राधिकरणों को इस एक डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा।
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चैटबॉट सुविधा: नागरिकों की सहायता के लिए ऐप में एआई-आधारित चैटबॉट विकसित किया जाएगा।
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सरलीकरण: सचिव ने निर्देश दिए कि एक सप्ताह के भीतर ऐप को और अधिक ‘यूजर फ्रेंडली’ बनाकर उसका प्रस्तुतीकरण दिया जाए।
महायोजनाओं में GIS प्रणाली अनिवार्य
शहरी नियोजन में सटीकता लाने के लिए अब सभी महायोजनाओं (Master Plans) के निर्माण में जीआईएस (GIS) प्रणाली लागू करना अनिवार्य कर दिया गया है। इन योजनाओं का सत्यापन यूसैक (USAC) के माध्यम से किया जाएगा, जिससे भविष्य के शहरी विकास में तकनीकी खामियों की गुंजाइश न रहे।
प्रमुख विकास योजनाओं पर सचिव के कड़े निर्देश
पारदर्शिता और जवाबदेही पर प्रहार
डिस्पेन्सरी रोड स्थित कार्यालयों के निरीक्षण के दौरान सचिव ने स्पष्ट किया कि फाइलों के निस्तारण में देरी और कार्यप्रणाली में अपारदर्शिता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आम जनता को दी जाने वाली सेवाओं में तेजी लाई जाए और लंबित प्रकरणों का तुरंत समाधान हो।
समीक्षा बैठक में उपस्थित अधिकारी
बैठक का संचालन संयुक्त मुख्य प्रशासक श्री दिनेश प्रताप सिंह द्वारा किया गया। इस अवसर पर वित्त नियंत्रक श्रीमती परवीन कौर, संयुक्त सचिव श्री गौरव कुमार चटवाल, वरिष्ठ नगर नियोजक श्रीमती शालू थिन्ड सहित पीएमयू के विषय विशेषज्ञ और अभियंता उपस्थित रहे।
“मुख्यमंत्री का विजन स्पष्ट है—योजनाओं का प्रभाव केवल फाइलों में नहीं, बल्कि धरातल पर दिखना चाहिए। हम तकनीक और पारदर्शिता के माध्यम से नागरिकों के जीवन को सुगम बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।” — डॉ. आर. राजेश कुमार, सचिव आवास
