जनसेवा सर्वोपरि: मुख्यमंत्री धामी ने खटीमा में सुनीं जनसमस्याएं, अधिकारियों को दिए त्वरित समाधान के निर्देश

खटीमा: अपने दो दिवसीय खटीमा भ्रमण के दूसरे दिन, मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी पूरी तरह जनसेवा के रंग में रंगे नजर आए। लोहियाहेड स्थित कैंप कार्यालय और हेलीपैड परिसर में आयोजित मुलाकात कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की जनता और जनप्रतिनिधियों से सीधा संवाद किया।

1. ‘सरलीकरण और समाधान’ पर मुख्यमंत्री का जोर

मुख्यमंत्री ने सुबह से ही कैंप कार्यालय में बड़ी संख्या में पहुंचे क्षेत्रवासियों से मुलाकात की। इस दौरान लोगों ने अपनी व्यक्तिगत और सार्वजनिक समस्याओं से संबंधित ज्ञापन उन्हें सौंपे।

  • संवेदनशीलता का निर्देश: मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी कि आम जनता की समस्याओं के निस्तारण में संवेदनशीलता और तत्परता बरती जाए।

  • समयबद्ध कार्रवाई: उन्होंने निर्देशित किया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा की जाए ताकि जनता को सरकारी दफ्तरों के अनावश्यक चक्कर न काटने पड़ें।

2. विकास कार्यों की रफ्तार पर चर्चा

जनप्रतिनिधियों से संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में चल रही विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति का फीडबैक भी लिया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक शासन की सुविधाओं को पहुँचाना है।

“अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि जनसमस्याओं का समाधान केवल फाइलों तक सीमित न रहे, बल्कि धरातल पर उसका असर दिखे।” — श्री पुष्कर सिंह धामी

3. गरिमामयी उपस्थिति

कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी रही। इस अवसर पर मुख्य रूप से उपस्थित रहे:

  • रमेश चंद्र जोशी: अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद खटीमा

  • फरजाना बेगम: दर्जा राज्यमंत्री

  • कमल जिंदल: जिलाध्यक्ष

  • अजय गणपति: वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP)

  • रमेश चंद्र जोशी: महामंत्री

इसके साथ ही बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे, जिन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा समस्याओं के त्वरित संज्ञान लेने पर आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री का यह भ्रमण न केवल क्षेत्र की समस्याओं को समझने का जरिया बना, बल्कि इसने प्रशासन को भी अपनी कार्यप्रणाली में तेजी लाने का कड़ा संदेश दिया है। खटीमा की जनता के बीच मुख्यमंत्री की यह सक्रियता उनकी ‘जन-सुलभ’ कार्यशैली को और अधिक मजबूती प्रदान करती है।

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