उत्तरकाशी: चारधाम यात्रा के शुरुआती पड़ाव पर ही स्वास्थ्य सेवाओं में भारी लापरवाही का मामला सामने आया है। उत्तरकाशी के जिलाधिकारी (डीएम) प्रशांत आर्य ने श्री यमुनोत्री धाम में स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्राथमिक चिकित्सा (First-Aid) सुविधाओं के न होने पर कड़ा संज्ञान लिया है। डीएम ने इस मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया है।
लापरवाही पर जिलाधिकारी का कड़ा रुख
यात्रा मार्ग और धाम परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव पाए जाने पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने सीएमओ को फटकार लगाते हुए पूछा है कि इतनी महत्वपूर्ण यात्रा के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा फर्स्ट-एड सेंटर और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की व्यवस्था क्यों नहीं की गई। डीएम ने इस चूक को गंभीर लापरवाही करार देते हुए अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की बात कही है।
ग्राउंड रियलिटी की तत्काल रिपोर्ट देने के निर्देश
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने केवल स्पष्टीकरण ही नहीं मांगा, बल्कि सीएमओ को निर्देश दिए हैं कि वे तुरंत यमुनोत्री धाम की ‘ग्राउंड रियलिटी’ (जमीनी हकीकत) का मुआयना करें। उन्होंने विभाग से वर्तमान में उपलब्ध संसाधनों, तैनात डॉक्टरों और दवाओं की उपलब्धता पर एक विस्तृत रिपोर्ट तत्काल कार्यालय में प्रस्तुत करने को कहा है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
चारधाम यात्रा के दौरान ऊँचाई वाले क्षेत्रों में ऑक्सीजन की कमी और थकान के कारण श्रद्धालुओं को अक्सर प्राथमिक चिकित्सा की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में यमुनोत्री धाम जैसे दुर्गम स्थान पर सुविधाओं का न होना यात्रियों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है। डीएम ने सख्त निर्देश दिए हैं कि यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सुविधाओं में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की कवायद
जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को तत्काल प्रभाव से यमुनोत्री धाम में फर्स्ट-एड पोस्ट स्थापित करने और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी आपात स्थिति में तत्काल उपचार मिल सके और व्यवस्थाओं में पारदर्शिता बनी रहे।
