देहरादून: उत्तराखंड को आदर्श राज्य बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक और बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में जन सुविधाओं के विस्तार, आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ने ₹44.64 करोड़ की महत्वपूर्ण धनराशि को वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।
यह बजट केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें भू-स्खलन जैसे गंभीर खतरों से निपटने के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण और जनजातीय क्षेत्रों के विकास पर भी विशेष जोर दिया गया है।
बजट का मुख्य विभाजन: कहाँ कितनी होगी खर्च?
सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, विकास कार्यों को विभिन्न श्रेणियों में विभाजित किया गया है ताकि हर वर्ग और क्षेत्र को लाभ मिल सके:
आपदा प्रबंधन: भू-स्खलन के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’
उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने नेशनल लैंडस्लाइड रिस्क मिटीगेशन प्रोग्राम (NLRMP) के तहत ₹1 करोड़ की पहली किश्त को मंजूरी दी है। यह धनराशि नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDMA) के सहयोग से संवेदनशील क्षेत्रों में भू-स्खलन के खतरे को कम करने के लिए खर्च की जाएगी।
स्वास्थ्य और जन सुविधाएं: ब्लॉक स्तर तक पहुंच
ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के लिए 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत ₹1.62 करोड़ अवमुक्त किए गए हैं। इससे ब्लॉक स्तर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य इकाइयों (Public Health Units) को आधुनिक बनाया जाएगा। इसके अलावा:
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देहरादून (धर्मपुर): गोर्खासंघ धर्मशाला, चंद्रबनी का जीर्णोद्धार और नई पार्किंग का निर्माण होगा।
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मसूरी: गुनियाल गांव में सामुदायिक भवन का सौंदर्यीकरण कर उसे स्थानीय कार्यक्रमों के लिए तैयार किया जाएगा।
औद्योगिक और जनजातीय उत्थान
प्रदेश के एमएसएमई (MSME) सेक्टर को संजीवनी देते हुए औद्योगिक आस्थानों की मरम्मत के लिए करीब ₹2 करोड़ जारी किए गए हैं। साथ ही, ऊधम सिंह नगर के खटीमा और काशीपुर में स्थित राजकीय जनजाति छात्रावासों की दशा सुधारने के लिए विशेष बजट आवंटित किया गया है, जिससे छात्र-छात्राओं को बेहतर आवास सुविधा मिल सके।
मुख्यमंत्री का विजन
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि इन स्वीकृतियों का मुख्य उद्देश्य अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि स्वीकृत कार्यों को तय समय सीमा के भीतर और गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। ₹44.64 करोड़ की यह वित्तीय संजीवनी राज्य के बुनियादी ढांचे, सुरक्षा और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी।
