देहरादून: सोमवार को सचिवालय में मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिव समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में प्रदेश के विकास और सुरक्षा से जुड़े कई ज्वलंत मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने आगामी कुंभ मेला 2027 की तैयारियों को प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों से संबंधित सभी शासनादेश (Government Orders) अविलंब जारी किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि समय पर प्रक्रिया शुरू होने से ही निर्माण कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जा सकेगा।
वनाग्नि पर सख्त रुख और ‘रिस्पांस टाइम’ में सुधार
बैठक के दौरान प्रदेश में वनाग्नि (फॉरेस्ट फायर) की वर्तमान स्थिति की भी गहन समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने वन विभाग को निर्देश दिए कि जंगलों में लगने वाली आग की सूचना मिलने और उस पर कार्रवाई शुरू करने के बीच के ‘रिस्पांस टाइम’ को कम करने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएं। उन्होंने एक महत्वपूर्ण रणनीति साझा करते हुए कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों की जनपदवार ड्यूटी लगाई जाए, क्योंकि अधिकारियों के फील्ड में सक्रिय रहने से धरातल पर स्थिति में सुधार आएगा। साथ ही, उन्होंने जंगलों में जानबूझकर आग लगाने वाले अराजक तत्वों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
एलपीजी आपूर्ति और कालाबाजारी पर लगाम
आम जनमानस की सुविधाओं का ध्यान रखते हुए मुख्य सचिव ने प्रदेश में एलपीजी गैस की आपूर्ति व्यवस्था का भी जायजा लिया। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को आदेश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में गैस की मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी करें। बैठक में सख्त हिदायत दी गई कि गैस की कालाबाजारी करने वालों पर पैनी नजर रखी जाए और दोषियों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि उपभोक्ताओं को किसी भी तरह की किल्लत का सामना न करना पड़े।
बैठक में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारी
सचिवालय में आयोजित इस उच्च स्तरीय बैठक में शासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें:
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प्रमुख सचिव: श्री आर के सुधांशु, श्री एल फ़ैन्नई, डॉ आर मीनाक्षी सुंदरम।
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सचिव: श्री शैलेश बगौली, श्री नितेश कुमार झा, श्री चंद्रेश कुमार यादव, श्री श्रीधर बाबू अद्दांकी, श्री रविनाथ रामन, श्री विनोद कुमार सुमन, श्री रणवीर सिंह चौहान, श्री आनंद स्वरूप और डॉ. अहमद इकबाल।
बैठक का समापन प्रदेश की कानून व्यवस्था और विकास योजनाओं को गति देने के संकल्प के साथ हुआ।
