देहरादून: मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद, रामनगर द्वारा घोषित हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा परिणामों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को दूरभाष (फोन) पर बधाई दी। मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत रूप से टॉपर्स से संवाद कर उनके परिश्रम की सराहना की और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए प्रोत्साहित किया।
टॉपर्स से सीधा संवाद और प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने हाईस्कूल परीक्षा में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले अक्षत गोपाल (रामनगर), इशांत कोठारी (चिन्यालीसौड़), भूमिका (खैरना) और योगेश जोशी (बागेश्वर) से फोन पर बातचीत की। उन्होंने छात्रों से उनके लक्ष्य और भविष्य की योजनाओं के बारे में भी चर्चा की। इसी प्रकार, इंटरमीडिएट की मेरिट सूची में स्थान बनाने वाली गीतिका पंत (बागेश्वर), सुशीला मेंदीरत्ता (उधमसिंह नगर), आर्यन (ऋषिकेश) और वंशिका (हरिद्वार) को भी मुख्यमंत्री ने उनकी शानदार उपलब्धि पर शुभकामनाएं दीं।
परिश्रम और अनुशासन की जीत
मेधावियों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सफलता केवल विद्यार्थियों की नहीं, बल्कि उनके कठोर परिश्रम, अनुशासन और समर्पण की जीत है। उन्होंने विशेष रूप से अभिभावकों और शिक्षकों के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि एक बेहतर समाज के निर्माण में गुरु और माता-पिता का मार्गदर्शन ही नींव का काम करता है। मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य के छोटे कस्बों और सरकारी स्कूलों के बच्चे जिस तरह से मेरिट में स्थान बना रहे हैं, वह प्रदेश के बदलते शैक्षिक स्तर का परिचायक है।
शिक्षा की गुणवत्ता के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री ने सभी सफल विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद देते हुए कहा कि वे देश और राज्य के विकास में अपनी भूमिका तय करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार के लिए ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने मेधावी विद्यार्थियों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार उन्हें हर संभव सहयोग प्रदान करेगी ताकि आर्थिक अभाव उनकी उच्च शिक्षा के आड़े न आए।
