देहरादून। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा योग को वैश्विक पहचान दिलाने व इसे जन-जन तक पहुँचाने के अभियान और मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा उत्तराखण्ड को योग, वेलनेस एवं प्राकृतिक चिकित्सा की वैश्विक राजधानी बनाने के संकल्पों के बीच, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर देहरादून का सिटी फॉरेस्ट पार्क एक ऐतिहासिक पल का साक्षी बना। यहाँ स्वास्थ्य, आध्यात्म और प्रकृति का ऐसा अनूठा संगम देखने को मिला जिसने देवभूमि की समृद्ध सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत को एक नया आयाम दिया।
प्रशासनिक अधिकारियों व जनभागीदारी से गूँजा पार्क
मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा सिटी फॉरेस्ट पार्क में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने शिरकत की। कार्यक्रम में शासन और प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए, जिनमें अपर सचिव मुख्यमंत्री एवं एमडीडीए के उपाध्यक्ष श्री बंशीधर तिवारी और एमडीडीए के सचिव श्री मोहन सिंह बर्निया प्रमुख रहे। प्राधिकरण के कर्मचारियों, विभिन्न सामाजिक व योग संस्थाओं के प्रतिनिधियों और भारी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने इस सामूहिक योगोत्सव में हिस्सा लेकर स्वास्थ्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई।
एक हजार से अधिक लोगों ने लिया स्वस्थ जीवन का संकल्प
प्रकृति की हरी-भरी चादर और पहाड़ों की शांत वादियों के बीच, एक हजार से अधिक लोगों ने एक साथ सामूहिक योग कर पूरे देश को स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया। इस वर्ष का आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम मात्र नहीं रहा, बल्कि इसे प्रकृति संरक्षण, पर्यावरण चेतना और सामाजिक जागरूकता से भी मजबूती से जोड़ा गया। कार्यक्रम के समापन पर एमडीडीए उपाध्यक्ष श्री बंशीधर तिवारी ने योग के प्रचार-प्रसार में जुटे योग प्रशिक्षकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया और उनके प्रयासों की सराहना की।
एक अनूठा संदेश: सिटी फॉरेस्ट पार्क में आयोजित इस कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह प्रकृति के साथ गहरा सामंजस्य स्थापित करने का एक पवित्र मार्ग है।
उत्तराखण्ड को वेलनेस का वैश्विक केंद्र बनाने की प्रतिबद्धता
इस विशेष अवसर पर मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के प्रयासों से आज योग वैश्विक स्तर पर स्थापित हो चुका है और करोड़ों लोग इसे अपना रहे हैं। वहीं, एमडीडीए उपाध्यक्ष श्री बंशीधर तिवारी ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड को योग, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा के वैश्विक हब के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर काम कर रही है। सचिव श्री मोहन सिंह बर्निया ने भी दोहराया कि एमडीडीए का मुख्य उद्देश्य शहरवासियों को ऐसे हरित और स्वस्थ सार्वजनिक स्थल उपलब्ध कराना है जहाँ वे भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर सुकून के पल बिता सकें।
मुख्य सचिव द्वारा पार्क की अत्याधुनिक सुविधाओं का निरीक्षण
योग कार्यक्रम की सफलता के बाद मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने 12 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैले इस विशाल पार्क का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने पार्क की प्रमुख सुविधाओं का जायजा लिया, जिनमें शामिल हैं:
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चिल्ड्रन पार्क और ओपन जिम
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साइकिल ट्रैक और कैफेटेरिया
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थ्री-डी मूवी थिएटर और ओपन थिएटर
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पर्यावरण अनुकूल व्यवस्थाएँ जैसे सोलर प्लांट और ईवी चार्जिंग स्टेशन
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नर्सरी और पूछताछ केंद्र
निरीक्षण के दौरान उन्होंने वहाँ मौजूद पर्यटकों, आम नागरिकों और कैफेटेरिया संचालकों से सीधे बातचीत कर सुविधाओं की गुणवत्ता का फीडबैक भी लिया। उन्होंने पार्क की स्वच्छता और ऊर्जा संरक्षण के उपायों की जमकर तारीफ की।
बेहतर भविष्य के लिए क्यूआर कोड आधारित फीडबैक सिस्टम
पार्क को और अधिक जन-अनुकूल बनाने के लिए मुख्य सचिव ने अधिकारियों को एक बेहद आधुनिक निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पार्क में आने वाले लोगों की राय और सुझावों को डिजिटल माध्यम से दर्ज करने के लिए एक क्यूआर कोड आधारित ऑनलाइन फीडबैक सिस्टमविकसित किया जाए। मुख्य सचिव के इन निर्देशों के बाद एमडीडीए ने पार्क की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ करने की तैयारी शुरू कर दी है। उपाध्यक्ष श्री बंशीधर तिवारी ने भरोसा दिलाया कि निरीक्षण के दौरान मिले सभी सुझावों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द लागू किया जाएगा।
यह आयोजन साफ संकेत देता है कि उत्तराखण्ड न केवल आध्यात्मिक रूप से समृद्ध है, बल्कि अब स्वास्थ्य, वेलनेस और ईको-टूरिज्म के क्षेत्र में भी देश का नेतृत्व करने के लिए तेजी से आगे बढ़ रहा है।
