“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार”: 4 जुलाई से उत्तराखंड में शुरू होगा सेवा पखवाड़े का दूसरा चरण, सीएम धामी करेंगे शुभारंभ

देहरादून। उत्तराखंड के नागरिकों तक शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और आवश्यक सेवाओं को सीधे और पारदर्शी तरीके से पहुंचाने के लिए राज्य सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। प्रदेशभर में आगामी 4 जुलाई से “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार – सेवा पखवाड़ा” के द्वितीय चरण का भव्य आगाज होने जा रहा है। इस जन-केंद्रित महाअभियान का विधिवत शुभारंभ मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के करकमलों द्वारा किया जाएगा। सरकार का प्रयास है कि इस अभियान के माध्यम से सुशासन और संवेदनशील प्रशासन की अवधारणा को और अधिक मजबूती दी जा सके।

15 दिनों तक सभी जनपदों में लगेंगे विशेष जनसेवा शिविर

इस सेवा पखवाड़े के अंतर्गत उत्तराखंड के सभी जनपदों में विभिन्न सरकारी विभागों के आपसी समन्वय से विशेष जनसेवा शिविरों का आयोजन किया जाएगा। यह अभियान निरंतर 15 दिनों तक संचालित होगा, जिसमें आम जनता को अपनी समस्याओं के समाधान और विभिन्न योजनाओं के लिए अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इन शिविरों के माध्यम से जनता को स्वास्थ्य परीक्षण एवं विशेषज्ञ चिकित्सा परामर्श सहित विभिन्न सरकारी सेवाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर यानी ‘एकल खिड़की’ व्यवस्था के तहत उपलब्ध कराया जाएगा।

एक ही छत के नीचे मिलेंगी तमाम योजनाएं और विभागीय सेवाएं

अभियान के दौरान लोक कल्याण से जुड़े तमाम महत्वपूर्ण कार्यों को मौके पर ही पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान भारत कार्ड बनाने, सामाजिक सुरक्षा पेंशन को स्वीकृत करने और दिव्यांगजन कल्याण से जुड़ी योजनाओं का लाभ देने की त्वरित व्यवस्था की जाएगी।

इसके साथ ही राजस्व संबंधी लंबित प्रकरणों का मौके पर निस्तारण, विभिन्न प्रकार के आवश्यक सरकारी प्रमाण-पत्रों से जुड़ी सेवाएं, महिला एवं बाल विकास, कृषि, उद्यान, पशुपालन, कौशल विकास और स्वरोजगार से संबंधित तमाम विभागीय योजनाओं को सीधे आमजन तक पहुंचाया जाएगा। विभिन्न विभागों द्वारा इन शिविरों में जनता की शिकायतों और समस्याओं के त्वरित और नीतिगत समाधान के लिए विशेष इंतजाम भी सुनिश्चित किए जा रहे हैं।

अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना सरकार का सर्वोच्च लक्ष्य

राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य शासन और प्रशासन की कार्यप्रणाली को आम जनता के और अधिक निकट लाना है, ताकि विकास की दौड़ में पीछे छूट गए अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंच सके। सेवा पखवाड़ा इसी जनसेवा और जन-आकांक्षाओं को धरातल पर उतारने का एक सशक्त माध्यम बन रहा है।

इस महत्वपूर्ण अवसर पर राज्य के सभी जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन, विभागीय उच्चाधिकारियों, स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ संगठन के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से इस सेवा पखवाड़े में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया है, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों को इसका सीधा लाभ मिल सके।

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