नई दिल्ली/देहरादून। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा और उनके पति रॉबर्ट वाद्रा पर उत्तराखंड में कथित रूप से चार एकड़ भूमि हड़पने का प्रयास करने का बेहद गंभीर आरोप लगाया है। पार्टी ने दावा किया है कि इस बहुमूल्य जमीन को खाली कराने के लिए एक 90 वर्षीय बुजुर्ग महिला को डराया-धमकाया जा रहा है। भाजपा के इन तीखे आरोपों के बाद राज्य से लेकर राष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है, हालांकि इस पूरे घटनाक्रम और आरोपों पर कांग्रेस पार्टी, प्रियंका गांधी वाद्रा या रॉबर्ट वाद्रा की ओर से फिलहाल तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी के गंभीर आरोप
नई दिल्ली में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने गांधी-वाद्रा परिवार पर सीधा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि गांधी-वाद्रा परिवार का असल कारोबार राजनीति करना नहीं है, बल्कि निर्दोष और कमजोर लोगों की जमीनें हड़पना है। भाजपा प्रवक्ता ने दावा किया कि यह पूरा मामला एक सुनियोजित रणनीति के तहत अंजाम दिया जा रहा है जिसमें स्थानीय रसूखदारों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
किच्छा की 4 एकड़ जमीन और विवाद का पूरा मामला
भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने इस कथित भूमि विवाद की परतें खोलते हुए बताया कि यह पूरा मामला उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के किच्छा क्षेत्र का है। उन्होंने आरोप लगाया कि रॉबर्ट वाद्रा की भाभी सायरा वाद्रा किच्छा में स्थित चार एकड़ की एक बेशकीमती जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने की कोशिश कर रही हैं। भंडारी के अनुसार, इस विवादित भूमि का मूल पट्टा (Lease) दिवंगत कुलसुम खान के नाम पर दर्ज है और यह संपत्ति वर्तमान में पूरी तरह से उनकी 90 वर्षीय बहन नसरीन खान के कब्जे में है, जो वहीं रहती हैं।
भाजपा नेता ने दावा किया कि जब कांग्रेस और वाद्रा परिवार को यह अहसास हो गया कि सायरा वाद्रा कानूनी दांव-पेंच के जरिए उस जमीन को आसानी से हासिल नहीं कर सकतीं, तो उन्होंने डराने-धमकाने का रास्ता चुन लिया। भंडारी ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में सायरा वाद्रा सिर्फ सामने दिखाई दे रही हैं, लेकिन वास्तव में उनके पीछे प्रियंका गांधी वाद्रा और रॉबर्ट वाद्रा का हाथ है जो पर्दे के पीछे से इस पूरी पटकथा को संचालित कर रहे हैं।
कांग्रेस विधायक पर डराने-धमकाने का दावा
संवाददाता सम्मेलन में भाजपा ने स्थानीय कांग्रेस नेतृत्व को भी कटघरे में खड़ा किया। प्रदीप भंडारी ने दावा किया कि किच्छा से कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़ बीते बुधवार की देर रात लगभग 100 समर्थकों की भारी भीड़ के साथ उस विवादित भूमि पर पहुंचे थे। आरोप है कि वहां पहुंचकर विधायक और उनके समर्थकों ने वर्तमान कब्जाधारी 90 वर्षीय बुजुर्ग महिला नसरीन खान को सीधे तौर पर धमकी दी। बुजुर्ग महिला को चेतावनी दी गई कि यदि उन्होंने जल्द से जल्द यह जमीन खाली नहीं की, तो उन्हें इसके बेहद गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
भाजपा प्रवक्ता ने जोर देकर कहा कि उनका यह आरोप पूरी तरह से पीड़ित नसरीन खान के बयान पर आधारित है। इस बुजुर्ग महिला ने स्वयं कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर सीधे आरोप लगाए हैं कि वे इस कीमती जमीन को जबरन वाद्रा परिवार को सौंपने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं। भंडारी ने कहा कि इस संगीन मामले की पूरी जिम्मेदारी केवल स्थानीय कांग्रेस विधायक पर डालकर इतिश्री नहीं की जा सकती, बल्कि इसकी सीधी जिम्मेदारी प्रियंका गांधी वाद्रा पर आती है।
‘गांधी-वाद्रा मॉडल’ पर उठाए सवाल
इस पूरे मामले में प्रियंका गांधी वाद्रा की कथित भूमिका को लेकर भाजपा प्रवक्ता ने कई तीखे सवाल दागे। उन्होंने पूछा कि क्या प्रियंका गांधी ने स्वयं कांग्रेस विधायक को फोन करके यह निर्देश दिया था कि उनकी भाभी को एक 90 वर्षीय मुस्लिम महिला को धमकाकर जमीन पर कब्जा दिलवाया जाए?
भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी का बयान:
“यह पूरी घटना जमीन हड़पने के कुख्यात ‘गांधी-वाद्रा मॉडल’ को दर्शाती है। कांग्रेस हमेशा यह बड़ा दावा करती है कि वह देश में मुसलमानों और गरीबों के अधिकारों के साथ खड़ी है, लेकिन इन संगीन आरोपों के अनुसार स्वयं उनके नेता एक 90 वर्षीय लाचार मुस्लिम महिला को उसकी जमीन से बेदखल करने की धमकी दे रहे हैं।”
भाजपा ने अंत में देश की जनता को सचेत करते हुए कहा कि लोगों को अब यह अच्छी तरह समझ लेना चाहिए कि यदि गांधी-वाद्रा परिवार की किसी भी जमीन पर नजर टिक जाती है, तो वे बार-बार अपने लोगों को भेजकर असली कब्जाधारी को कथित तौर पर तब तक प्रताड़ित और भयभीत करते हैं, जब तक कि वह जमीन पूरी तरह खाली नहीं करा ली जाती। फिलहाल, इस पूरे राजनैतिक विवाद पर कांग्रेस के आधिकारिक रुख का इंतजार है।
