देहरादून। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से आज मुख्यमंत्री आवास में छत्तीसगढ़ से आए पत्रकारों के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने देवभूमि उत्तराखण्ड आगमन पर सभी पत्रकारों का हार्दिक स्वागत और अभिनंदन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड केवल प्राकृतिक सौन्दर्य और आध्यात्मिक आस्था का वैश्विक केंद्र ही नहीं है, बल्कि यह तीव्र गति से विकास के नए आयाम स्थापित करने वाला राज्य भी बन रहा है। उन्होंने विभिन्न राज्यों के पत्रकारों के भ्रमण को उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक, सामाजिक, ऐतिहासिक एवं विकास यात्रा को समझने का एक बेहद महत्वपूर्ण अवसर बताया।
समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और ‘राउंड द ईयर टूरिज्म’ का विजन
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक परम्पराओं, लोक संस्कृति तथा हिमालयी सभ्यता के कारण विश्वभर में एक विशिष्ट पहचान रखता है। यहाँ स्थित चारधाम, पंचकेदार, पंचबदरी, पंचप्रयाग, हेमकुंड साहिब, पूर्णागिरि, जागेश्वर, आदि कैलाश एवं ओम पर्वत जैसे स्थल करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के प्रमुख केंद्र हैं।
उन्होंने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में राज्य सरकार पर्यटन को आर्थिकी का मुख्य आधार बनाकर काम कर रही है। अब सिर्फ पारंपरिक यात्रा नहीं, बल्कि साहसिक पर्यटन (Adventure Tourism), इको-टूरिज्म, वेलनेस टूरिज्म, ग्रामीण पर्यटन और होमस्टे आधारित पर्यटन को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है।
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पर्यटकों का नया रिकॉर्ड: पिछले चार वर्षों में उत्तराखण्ड में 25 करोड़ से अधिक पर्यटक और श्रद्धालु पहुंचे हैं, जो राज्य की बढ़ती लोकप्रियता का प्रमाण है।
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शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा: सरकार राज्य को ‘Round the Year Tourism’ (वर्षभर पर्यटन) के रूप में विकसित कर रही है। शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा देने से चारधाम के आसपास स्थित शीतकालीन गद्दी स्थलों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है।
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वैश्विक पहचान: प्रधानमंत्री की आदि कैलाश यात्रा के बाद इस सीमांत आध्यात्मिक स्थल को वैश्विक पहचान मिली है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।
मास्टर प्लान, इंफ्रास्ट्रक्चर और सीमांत क्षेत्रों का कायाकल्प
बुनियादी ढांचे के विकास पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि बाबा केदार और भगवान बदरी विशाल की नगरी को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने के लिए केदारनाथ एवं बदरीनाथ मास्टर प्लान के तहत व्यापक पुनर्विकास कार्य चल रहे हैं। इन परियोजनाओं से जहां एक तरफ तीर्थयात्रियों को आधुनिकतम सुविधाएं मिल रही हैं, वहीं हमारी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण भी सुनिश्चित हो रहा है।
राज्य में सड़क, रेल और हवाई संपर्क (Connectivity) का तेजी से विस्तार हुआ है। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे जैसी महत्वाकांक्षी परियोजना के पूर्ण होने से उत्तराखण्ड तक पहुंच और अधिक सुगम हो जाएगी, जिससे पर्यटन और निवेश दोनों को नई गति मिलेगी। इसके साथ ही सरकार सीमांत (Border) क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। सीमावर्ती इलाकों में सड़क, पुल, स्वास्थ्य, शिक्षा, संचार और पेयजल जैसी आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार कर वहां की स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाया जा रहा है।
लोकतंत्र का सशक्त स्तंभ हैं पत्रकार: छत्तीसगढ़वासियों को कुंभ का आमंत्रण
मुख्यमंत्री ने मीडिया की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का सशक्त स्तंभ हैं, जिनके माध्यम से समाज तक सही और सकारात्मक जानकारी पहुंचती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ से आए पत्रकार उत्तराखण्ड की इस विकास यात्रा और जनकल्याणकारी पहलों को निकट से जानने के बाद अपने अनुभवों को व्यापक स्तर पर साझा करेंगे।
मुख्यमंत्री का विशेष संदेश:
“कुंभ भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा, आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता का विराट पर्व है। मैं पत्रकारों के माध्यम से समस्त छत्तीसगढ़वासियों को आगामी कुंभ में देवभूमि उत्तराखण्ड आने का सादर आमंत्रण देता हूँ। मुझे पूरा विश्वास है कि देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं के साथ छत्तीसगढ़ के श्रद्धालु भी बड़ी संख्या में यहाँ पहुंचकर इस दिव्य-भव्य आयोजन के साक्षी बनेंगे।”
भेंट के दौरान पत्रकार प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए उत्तराखण्ड में हो रहे विकास कार्यों, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यटन क्षेत्र में आए क्रांतिकारी बदलावों की खुलकर सराहना की।
इस गरिमामयी अवसर पर शासन के सचिव श्री विनय शंकर पाण्डेय, अपर सचिव श्री बंशीधर तिवारी, संयुक्त निदेशक श्री के. एस. चौहान, छत्तीसगढ़ सूचना विभाग के संयुक्त निदेशक श्री धनंजय राठौर तथा छत्तीसगढ़ से आए 20 से अधिक वरिष्ठ पत्रकार मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
