खेलभूमि बनेगा उत्तराखंड: पदक विजेता खिलाड़ियों को समय पर मिलेगी ‘आउट ऑफ टर्न’ सरकारी नौकरी, हल्द्वानी खेल विश्वविद्यालय में अगले महीने से शुरू होगा सत्र

देहरादून। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में खेल एवं युवा कल्याण विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान राज्य में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए कई बड़े और महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट आदेश दिए हैं कि राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर राज्य का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को ‘आउट ऑफ टर्न’ सरकारी सेवा में समायोजित करने की प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए।

खेल विभाग में ही नियुक्त होंगे खिलाड़ी, 29 को मिल चुकी है नौकरी

मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों के भविष्य और उनके खेल के अनुभव का सही इस्तेमाल करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आउट ऑफ टर्न नीति के तहत नौकरी पाने वाले अधिकांश खिलाड़ियों को खेल विभाग में ही नियुक्ति दी जाए, ताकि उनके अनुभव और कौशल का सीधा लाभ राज्य के उभरते हुए युवा खिलाड़ियों को मिल सके। इसके लिए अधिकारियों को एक प्रभावी कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग की ओर से बैठक में बताया गया कि इस नीति के तहत अब तक कुल 29 मेडल धारक होनहार खिलाड़ियों को विभिन्न सरकारी सेवाओं में सफलतापूर्वक समायोजित किया जा चुका है।

नई खेल नीति और देश का 10वां राज्य खेल विश्वविद्यालय

उत्तराखंड में खेल के स्तर को वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार करने के लिए राज्य सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार की राष्ट्रीय खेल नीति 2025 के प्रारूप के अनुरूप ही उत्तराखंड में भी नई खेल नीति लागू की जाएगी। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने गोलापार (हल्द्वानी) स्थित उत्तराखण्ड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय में आगामी महीने से ही नया शैक्षणिक सत्र अनिवार्य रूप से प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए गोलापार स्टेडियम में प्रवेश की प्रक्रिया के साथ-साथ कोच, अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया को युद्धस्तर पर तेज करने के लिए कहा गया है।

यह संस्थान उत्तराखंड का पहला और भारत का दसवां राज्य खेल विश्वविद्यालय है, जहां विश्वविद्यालय सभागार, केंद्रीय पुस्तकालय, अनुसंधान केंद्र, आधुनिक शूटिंग रेंज, सेमिनार हॉल, बैडमिंटन हॉल, फुटबॉल और हॉकी मैदान सहित कुल 39 अत्याधुनिक अवसंरचना घटकों का विकास तेजी से किया जा रहा है।

‘एक ब्लॉक एक मिनी स्टेडियम’ और लोहाघाट महिला स्पोर्ट्स कॉलेज

ग्रामीण और ब्लॉक स्तर पर छिपी हुई खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए राज्य सरकार की ‘एक ब्लॉक एक मिनी स्टेडियम’ योजना के कार्यों की भी गहन समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि इस योजना के तहत अब तक कुल 48 मिनी स्टेडियमों का निर्माण पूरा किया जा चुका है, जबकि 10 मिनी स्टेडियमों का काम वर्तमान में तीव्र गति से चल रहा है और अन्य स्थानों पर भूमि हस्तांतरण की कार्रवाई की जा रही है।

इसके साथ ही, चंपावत के लोहाघाट में भारत के पहले महिला आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेज का निर्माण कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस कॉलेज के सुचारू संचालन के लिए कुल 16 पद सृजित कर दिए गए हैं और छात्राओं के प्रवेश की प्रक्रिया भी गतिमान है। मुख्यमंत्री ने 38वें राष्ट्रीय खेलों के दौरान विकसित किए गए वर्ल्ड-क्लास बुनियादी ढांचे के रख-रखाव के लिए एक मजबूत ‘लेगेसी प्लान’ तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज देहरादून, हल्द्वानी स्टेडियम, रुद्रपुर वेलोड्रोम और टिहरी झील जैसी विकसित खेल सुविधाओं का खिलाड़ियों के लिए अधिकतम और निरंतर उपयोग सुनिश्चित हो सके।

आगामी 39वें राष्ट्रीय खेल 2027 और ODOS नीति पर फोकस

वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले आगामी 39वें राष्ट्रीय खेलों की तैयारियों को लेकर भी मुख्यमंत्री ने अभी से खाका खींचने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विभिन्न खेल विधाओं में खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण देने के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविरों का संचालन तुरंत शुरू करने के आदेश दिए। इसके लिए विभिन्न खेल संघों के साथ तालमेल बिठाकर खिलाड़ियों के पारदर्शी चयन और चिन्हीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने संकल्प दोहराया कि राज्य सरकार का लक्ष्य आगामी राष्ट्रीय खेलों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर देवभूमि को देश के नक्शे पर एक उत्कृष्ट ‘खेलभूमि’ के रूप में स्थापित करना है।

राज्य के सभी 13 जिलों में खेल प्रतिभाओं को समान अवसर देने के लिए ‘एक जिला एक स्पोर्ट्स’ (ODOS) नीति को और प्रभावी बनाया जाएगा। इसके तहत सभी जनपदों में निर्धारित खेलों के लिए विशेष कोचिंग, प्रतिभा पहचान और जिला स्तरीय प्रतिस्पर्धाओं को विकसित किया जाएगा। सरकार की योजना है कि प्रत्येक जिला खेल छात्रावास को उस जनपद के लिए निर्धारित विशिष्ट खेल की ‘ODOS खेल नर्सरी’ के रूप में विकसित किया जाए, ताकि हर जिले से उस खेल के विशेषज्ञ खिलाड़ी तैयार हो सकें।

इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में प्रदेश की खेल मंत्री श्रीमती रेखा आर्या, प्रमुख सचिव श्री आर.के सुधांशु, सचिव श्री शैलेश बगौली, विशेष प्रमुख सचिव (खेल) श्री अमित सिन्हा, खेल निदेशक दीप्ति सिंह, संयुक्त निदेशक श्री शक्ति सिंह, उप निदेशक श्री नीरज गुप्ता और सहायक निदेशक श्री राजेश ममगाई सहित खेल विभाग के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मुख्य रूप से मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *