उत्तराखंड में SIR प्रक्रिया तेज: 15 सितंबर 2026 को आएगी अंतिम मतदाता सूची, ‘अनकलेक्टेड’ वोटरों के सत्यापन के लिए दलों से सहयोग की अपील

देहरादून। उत्तराखंड में आगामी चुनावों और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए मतदाता सूचियों के विशेष संस्थागत पुनरीक्षण (SIR) का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। इस सम्बंध में शुक्रवार को अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने सचिवालय में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान उन्होंने राजनीतिक दलों से चुनावी प्रक्रिया की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए “अनकलेक्टेड श्रेणी” (Uncollected Category) के मतदाताओं के घर-घर जाकर किए जा रहे सत्यापन अभियान में सक्रिय सहयोग देने की अपील की।

79.60 लाख मतदाताओं में से 70.98 लाख का डिजिटाइजेशन पूरा

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि उत्तराखंड में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि (Eligibility Date) के आधार पर वर्तमान SIR प्रक्रिया संपन्न की जा रही है। राज्य में गणना पत्रों (Enumeration Forms) के वितरण और उन्हें ऑनलाइन डिजिटाइज करने का कार्य आगामी 7 जुलाई तक शत-प्रतिशत पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।

अब तक की प्रगति के अनुसार, प्रदेश में कुल 79,60,762 पंजीकृत मतदाताओं के सापेक्ष 70,98,501 मतदाताओं के फॉर्म डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपलोड किए जा चुके हैं। शेष फॉर्मों को भी समयसीमा के भीतर डिजिटाइज किया जा रहा है।

‘अनकलेक्टेड श्रेणी’ में 8.39 लाख मतदाता: देखें पूरा वर्गीकरण

बैठक में पारदर्शी आंकड़े साझा करते हुए बताया गया कि वर्तमान में प्रदेश के भीतर कुल 8,39,486 मतदाता “अनकलेक्टेड श्रेणी” में चिन्हित किए गए हैं। मतदाता सूची को त्रुटिहीन बनाने के लिए इन सभी का घर-घर सत्यापन किया जाना अनिवार्य है। इसका पूरा वर्गीकरण इस प्रकार है:

अनकलेक्टेड मतदाता की श्रेणी कुल संख्या
स्थायी रूप से शिफ्ट (Permanently Shifted) 4,77,148
अनुपस्थित मतदाता (Absent Voters) 1,68,259
मृत मतदाता (Deceased) 1,23,836
पहले से पंजीकृत (Already Registered) 61,764
अन्य विविध कारण 8,479
कुल चिन्हित मतदाता 8,39,486

महत्वपूर्ण तिथियां: जारी हुआ पूरा शेड्यूल

डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के सामने पुनरीक्षण कार्यक्रम का पूरा टाइमलाइन (शेड्यूल) साझा किया, ताकि सभी दल अपनी तैयारियों को उसी के अनुरूप अंतिम रूप दे सकें:

  • 07 जुलाई 2026: गणना पत्रों के वितरण और डिजिटाइजेशन का कार्य पूर्ण करने की अंतिम तिथि।

  • 14 जुलाई 2026: ड्राफ्ट रोल (प्रारूप मतदाता सूची) का आधिकारिक प्रकाशन।

  • 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026: मतदाता सूची को लेकर दावे एवं आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि।

  • 14 जुलाई से 11 सितंबर 2026: दर्ज किए गए दावों और आपत्तियों के निस्तारण एवं नोटिस की अवधि।

  • 15 सितंबर 2026: शुद्ध एवं संशोधित अंतिम मतदाता सूची (Final Voter List) का अंतिम प्रकाशन।

शत-प्रतिशत बूथ लेवल एजेंट (BLA) नियुक्त करने का आह्वान

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी की अपील:

“लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदाता सूची का शुद्ध होना सबसे पहली शर्त है। सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दल इस पुनरीक्षण अभियान (SIR) में प्रशासन का सहयोग करें। इसके लिए सभी दल अपने-अपने स्तर पर प्रत्येक मतदेय स्थल पर शत-प्रतिशत ‘बूथ लेवल एजेंट्स’ (BLA) की नियुक्ति तत्काल सुनिश्चित करें, ताकि जमीनी स्तर पर कोई भी विसंगति न रहे।”

बैठक में मौजूद रहे वरिष्ठ अधिकारी और राजनेता

इस महत्वपूर्ण विमर्श के दौरान निर्वाचन विभाग की ओर से उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री किशन सिंह नेगी और सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री मस्तू दास मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

वहीं, राष्ट्रीय राजनीतिक दलों का प्रतिनिधित्व करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से श्री राजकुमार पुरोहित, इंडियन नेशनल कांग्रेस से श्री अमरेंद्र बिष्ट, आम आदमी पार्टी (आप) से श्री श्याम बाबू पांडेय, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से श्री सत्यपाल और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) से श्री अनंत आकाश बैठक में शामिल हुए और अपने सुझाव साझा किए।

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