मसूरी को जाम से मिलेगी मुक्ति: प्रस्तावित मेट्रो रोपवे परियोजना की तैयारियां तेज; सचिव आवास ने टर्मिनल स्टेशनों का किया स्थलीय निरीक्षण

मसूरी/देहरादून। पर्यटन नगरी मसूरी में लगातार बढ़ रही पर्यटकों की संख्या और इसके कारण पैदा होने वाले यातायात (ट्रैफिक) के दबाव को कम करने के लिए धामी सरकार ने कमर कस ली है। इस बड़ी समस्या के दीर्घकालिक समाधान के रूप में प्रस्तावित ‘मसूरी मेट्रो रोपवे परियोजना’ को धरातल पर उतारने की तैयारियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के क्रम में आज सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने उत्तराखण्ड मेट्रो रेल कॉरपोरेशन, जिला प्रशासन, नगर पालिका और वन विभाग के आला अधिकारियों के साथ प्रस्तावित रोपवे टर्मिनल स्टेशनों और संबंधित भूमि का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया।

लाइब्रेरी चौक से पिक्चर पैलेस तक जमीन की संभावनाओं का आकलन

सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार की अगुवाई में अधिकारियों की टीम ने सबसे पहले मसूरी के प्रसिद्ध लाइब्रेरी चौक क्षेत्र का दौरा किया और वहां तैनात तकनीकी टीम से प्रस्तावित रोपवे परियोजना की विस्तृत रूपरेखा (अलाइनमेंट) समझी।

  • लाइब्रेरी चौक: अधिकारियों ने बताया कि रोपवे का मुख्य मार्ग लाइब्रेरी चौक क्षेत्र से होकर गुजरेगा। इसके मद्देनजर इस क्षेत्र में आवश्यक भूमि की उपलब्धता और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं पर गहन विचार-विमर्श किया गया।

  • पिक्चर पैलेस और मॉल रोड: इसके बाद निरीक्षण दल ने पिक्चर पैलेस (चिक चॉकलेट के समीप) तथा जीएमवीएन (GMVN मॉल रोड) के निकट प्रस्तावित रोपवे टर्मिनल स्टेशनों के संभावित स्थानों का बारीकी से निरीक्षण किया। यहाँ यात्रियों की संभावित आवाजाही, अप्रोच रोड (पहुंच मार्ग), सुरक्षा मानकों और भविष्य के विस्तार को ध्यान में रखते हुए चर्चा की गई।

लाल टिब्बा में बनेगा अपर टर्मिनल, जियो-टेक्निकल अध्ययन के निर्देश

निरीक्षण के अगले चरण में अधिकारियों की टीम ने आईएनआई (INI) डिस्पेंसरी एवं भनौत एस्टेट क्षेत्र की प्रस्तावित भूमि का मुआयना किया। इसके पश्चात टीम नहाटा एस्टेट (लाल टिब्बा) पहुंची, जहां ‘अपर रोपवे टर्मिनल स्टेशन’ बनाया जाना प्रस्तावित है।

सुरक्षा के मोर्चे पर कोई ढिलाई न बरतने की हिदायत देते हुए सचिव आवास ने अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि स्टेशन के लिए सबसे सुरक्षित और उपयुक्त वैकल्पिक स्थान का चयन किया जाए। इसके साथ ही, इस पूरे संवेदनशील क्षेत्र का जियो-टेक्निकल (भू-तकनीकी) अध्ययन कराया जाए और उसकी रिपोर्ट के आधार पर ही नया विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की तकनीकी या सुरक्षा संबंधी दिक्कत का सामना न करना पड़े।

पर्यावरण अनुकूल परिवहन और जाम से बड़ी राहत

इस महापरियोजना के क्रियान्वयन से मसूरी की सूरत और सीरत दोनों में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है। मुख्य रूप से वीकेंड और पीक टूरिज्म सीजन में लगने वाले किलोमीटर लंबे ट्रैफिक जाम से स्थानीय जनता और पर्यटकों को हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी।

सचिव आवास का वक्तव्य:

“मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार उत्तराखण्ड के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में आधुनिक, सुरक्षित, तेज और पर्यावरण अनुकूल (Eco-friendly) परिवहन व्यवस्था विकसित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मसूरी मेट्रो रोपवे परियोजना केवल एक ट्रांसपोर्ट सिस्टम नहीं है, बल्कि यह इस खूबसूरत हिल स्टेशन के ईको-सिस्टम को बचाते हुए पर्यटन गतिविधियों को एक नई और आधुनिक गति देने की दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम है।”

निरीक्षण दल में ये वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

इस महत्वपूर्ण स्थलीय निरीक्षण के दौरान सचिव आवास के साथ उत्तराखंड के प्रशासनिक और तकनीकी अमले के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:

  • श्री ब्रिजेश कुमार मिश्रा – प्रबंध निदेशक (MD), उत्तराखण्ड मेट्रो रेल कॉरपोरेशन

  • श्री राहुल आनंद – उपजिलाधिकारी (SDM), मसूरी

  • श्री जय नंदन सिन्हा – संयुक्त महाप्रबंधक (JGM सिविल)

  • श्री गौरव भसीन – अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका मसूरी

  • श्री महेंद्र नेगी – रेंज अधिकारी, वन विभाग

  • श्री अभिषेक त्यागी – प्रबंधक (सिविल)

  • श्री सौरभ पटवाल व श्री अशोक डोभाल – सेक्शन इंजीनियर

  • श्री कुंदन सिंह अधिकारी व श्री हरिओम सिंह – वरिष्ठ सर्वेयर

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