प्रयागराज (20 जुलाई 2026): उत्तर मध्य रेलवे की सबसे प्रतिष्ठित और लोकप्रिय ट्रेनों में शुमार गाड़ी संख्या 12417/12418 प्रयागराज एक्सप्रेस ने अपनी गौरवशाली सेवा के 42 वर्ष सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के अवसर पर प्रयागराज जंक्शन पर 16 जुलाई को एक भव्य और उत्साहपूर्ण समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें रेलवे कर्मचारियों, रेल प्रेमियों और यात्रियों ने मिलकर उत्सव मनाया।
16 जुलाई 1984 से जारी है सफल सफर
प्रयागराज एक्सप्रेस का शुभारंभ 16 जुलाई 1984 को तत्कालीन केंद्रीय मंत्री श्रीमती राजेंद्र कुमारी बाजपेयी ने प्रयागराज से नई दिल्ली के लिए हरी झंडी दिखाकर किया था। अपनी शुरुआत से ही यह ट्रेन संगम नगरी प्रयागराज और देश की राजधानी दिल्ली के बीच यात्रियों के लिए सुरक्षित, समयबद्ध और भरोसेमंद यात्रा का सबसे प्रमुख साधन बनी हुई है।
लोको पायलटों ने काटा केक, बांटी गई मिठाइयां
स्थापना दिवस समारोह के दौरान ट्रेन के लोको पायलट और सहायक लोको पायलट ने केक काटकर इस खास दिन का जश्न मनाया और ट्रेन को निर्धारित समय पर गंतव्य के लिए रवाना किया। इस दौरान ‘प्रयागराज एक्सप्रेस फैन क्लब’ के सदस्य भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। फैन क्लब के सदस्यों ने यात्रियों को चॉकलेट बांटकर अपनी खुशी जाहिर की और ट्रेन के चार दशकों से जुड़े खट्टे-मीठे अनुभवों और स्मृतियों को साझा किया।
प्रयागराज और दिल्ली के बीच भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक
उत्कृष्ट समयपालन और आधुनिक यात्री सुविधाओं के लिए जानी जाने वाली प्रयागराज एक्सप्रेस उत्तर मध्य रेलवे की खास पहचान बन चुकी है। इस अवसर पर उपस्थित रेल प्रेमियों ने कहा कि प्रयागराज एक्सप्रेस सिर्फ लोहे और पहियों की एक रेलगाड़ी नहीं है, बल्कि यह प्रयागराज और दिल्ली को जोड़ने वाली एक मजबूत भावनात्मक व सांस्कृतिक जीवनरेखा बन चुकी है।
