संवैधानिक पद शर्मसार: SSP दफ्तर में घुसे कांग्रेस नेताओं की ‘फिल्मी गुंडागर्दी’; अमर्यादित भाषा से तार-तार हुई नेता प्रतिपक्ष पद की गरिमा

देहरादून: सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पार्टी अध्यक्ष गणेश गोदियाल और कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता एसएसपी (SSP) कार्यालय में घुसते, हंगामा करते और गाली-गलौज करते दिख रहे हैं। सरकारी दफ्तर में हुए इस हाई-वोल्टेज ड्रामे और वहां मौजूद पुलिसकर्मियों के साथ की गई धक्का-मुक्की ने कांग्रेस के आचरण और मंशा को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है।

सरकारी दफ्तर में ‘फिल्मी दादागिरी’ और अराजकता

मिली जानकारी के अनुसार, किसी मामले को लेकर कांग्रेस नेता अपनी शिकायत दर्ज कराने जिले के कप्तान (SSP) के कार्यालय पहुंचे थे। हालांकि, उनका लहजा बेहद आक्रामक था, जो देखते ही देखते ‘फिल्मी स्टाइल में दादागिरी’ और ‘अराजकता’ का रूप लेता चला गया।
वीडियो में कांग्रेस नेताओं के ‘निजी संस्कारों’ और ‘सत्ता की चाहत में आई बौखलाहट’ को साफ तौर पर देखा जा सकता है।

संवैधानिक पद की मर्यादा पर उठे गंभीर सवाल

इस घटना के बाद सबसे ज्यादा निशाना नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य पर साधा जा रहा है। सजग नागरिकों और राजनैतिक विश्लेषकों का स्पष्ट कहना है कि नेता प्रतिपक्ष का पद एक अत्यंत गरिमापूर्ण और संवैधानिक पद होता है। जिले के सबसे बड़े कानून-व्यवस्था के रखवाले (SSP) के दफ्तर में घुसकर इस तरह की भाषा और उग्र व्यवहार करना पद की मर्यादा को तार-तार करता है।
जनता के बीच अब यह चर्चा तेज हो गई है कि यदि विपक्ष में रहते हुए नेताओं का यह हाल है, तो सत्ता मिलने पर कानून-व्यवस्था की स्थिति क्या होगी।

तोड़फोड़ की कोशिश और अमर्यादित भाषा की चौतरफा निंदा

वायरल हो रहे विजुअल्स में यह भी देखा जा सकता है कि कुछ नेता टेबल-कुर्सी को नुकसान पहुंचाते हुए और दफ्तर के माहौल को अशांत करते हुए तोड़फोड़ पर उतारू नजर आए। सरकारी दफ्तर के भीतर हुई गाली-गलौज, धक्का-मुक्की और अमर्यादित व्यवहार को लेकर आम लोगों में भारी आक्रोश है।
सोशल मीडिया पर यूज़र्स लगातार प्रतिक्रिया देते हुए लिख रहे हैं कि सरकारी कार्यालयों में इस प्रकार का आचरण नेताओं के ‘निजी संस्कारों’ और ‘सत्ता की चाहत में आई बौखलाहट’ को पूरी तरह उजागर करता है।