रुद्रप्रयाग:
श्रावण माह के दूसरे सोमवार के पावन अवसर पर विश्वप्रसिद्ध श्री केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं और कांवड़ियों का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। तड़के से ही देश के कोने-कोने से पहुंचे शिवभक्त बाबा केदारनाथ के दिव्य दर्शन और जलाभिषेक के लिए पंक्तियों में डटे रहे। ऊंचाई वाले पर्वतीय क्षेत्रों में रुक-रुक कर हो रही बारिश और मौसम की चुनौतियों के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। पूरे दिन ‘बोल-बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के उद्घोषों से केदारनाथ घाटी और यात्रा मार्ग गूंजायमान रहा।
हरिद्वार और ऋषिकेश से पवित्र गंगाजल लेकर पहुंचे हजारों कांवड़ियों ने पैदल चढ़ाई पूरी कर भगवान आशुतोष का जलाभिषेक किया और देश व प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
श्रद्धालुओं का नया कीर्तिमान: आंकड़ा 14.45 लाख के पार
केदारनाथ यात्रा प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष यात्रा की शुरुआत से लेकर अब तक 14,45,946 श्रद्धालु बाबा केदारनाथ के दर्शन कर चुके हैं। श्रावण मास और विशेषकर अंतिम सोमवार को पहुंची रिकॉर्ड भीड़ से धाम परिसर, मंदिर मार्ग और पड़ावों पर अभूतपूर्व चहल-पहल देखी गई।
खराब मौसम के बीच प्रशासन मुस्तैद, डीएम विशाल मिश्रा ने संभाली कमान
लगातार बदल रहे मौसम और बारिश को देखते हुए रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन और पुलिस बल पूरी तरह से अलर्ट मोड पर रहा। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के मार्गदर्शन में यात्रा मार्ग से लेकर केदारनाथ धाम तक श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, ठहरने और भोजन की व्यवस्थाओं का नियमित निरीक्षण किया गया।
-
सुरक्षा व्यवस्था: संवेदनशील और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों पर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें तैनात रहीं।
-
प्रशासनिक अपील: प्रशासन ने सभी यात्रियों से अपील की है कि वे मौसम की अद्यतन जानकारी लेकर ही आगे बढ़ें, सुरक्षित स्थानों पर विश्राम करें और अधिकारियों द्वारा जारी सुरक्षा दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करें।
श्रद्धालुओं की अटूट आस्था के सामने मौसम की दुश्वारियां भी बोनी साबित हुईं और श्रावण के अंतिम सोमवार को केदारनाथ धाम में भक्ति का अनुपम दृश्य देखने को मिला।
