देहरादून:
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने शासकीय आवास स्थित ‘मुख्य सेवक सदन’ में प्रदेश के विभिन्न जनपदों एवं दूरस्थ क्षेत्रों से आए नागरिकों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री ने एक-एक कर फरियादियों की शिकायतों को ध्यानपूर्वक सुना और मौके पर मौजूद अधिकारियों को पात्रता व नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई के निर्देश जारी किए।
लोकतंत्र में संवाद महत्वपूर्ण, देरी बर्दाश्त नहीं: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधि और सरकार के बीच आमजन का सीधा संवाद लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी व प्रभावी बनाता है। जनसुनवाई से नागरिकों को अपनी बात सीधे सरकार के सामने रखने का मंच मिलता है और लंबित मामलों के समाधान में तेजी आती है।
उन्होंने अधिकारियों को कड़े शब्दों में निर्देशित किया कि:
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विभागीय स्तर पर त्वरित निस्तारण: जिन मामलों में विभागीय स्तर पर कार्रवाई संभव है, उनमें किसी भी प्रकार का अनावश्यक विलंब न किया जाए।
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शासन स्तर के मामले: जिन प्रकरणों में शासन स्तर से निर्णय अपेक्षित है, उन्हें त्वरित आवश्यक प्रक्रियाओं के साथ प्रस्तुत किया जाए।
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मानवीय दृष्टिकोण: आमजन से जुड़ी समस्याओं के समाधान में प्रशासनिक संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाए।
सड़क, स्वास्थ्य और पेयजल से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठे
जनसुनवाई के दौरान प्रदेशभर से पहुंचे लोगों ने सड़क व संपर्क मार्ग, पेयजल आपूर्ति, विद्युत, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, राजस्व, सिंचाई, रोजगार, स्थानांतरण और स्थानीय विकास से जुड़े विविध मामले मुख्यमंत्री के समक्ष रखे। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार की प्राथमिकता सुशासन का लाभ अंतिम छोर पर खड़े जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर पहुंचाना है।
इस दौरान प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली, गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप, गढ़वाल आईजी राजीव स्वरूप और अपर सचिव जे.सी. काण्डपाल सहित मुख्यमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
