देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास से प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर मानसून, आपदा प्रबंधन, चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा, जन-समस्याओं और विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा के समापन के बाद की व्यवस्थाओं, कांवड़ मार्गों की स्वच्छता और यात्रियों की सुरक्षा पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित करने के कड़े निर्देश जारी किए।
कांवड़ यात्रा के बाद विशेष स्वच्छता और ट्रैफिक प्रबंधन
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा संपन्न होने के तुरंत बाद सभी संबंधित जनपदों और कांवड़ मार्गों पर बड़े पैमाने पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाए। गंगा घाटों, पड़ावों और कांवड़ मार्गों से कचरे का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए ताकि स्थानीय जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके साथ ही, कांवड़ मार्गों और आसपास के क्षेत्रों में अवैध नशीले पदार्थों की बिक्री व तस्करी पर कड़ी कार्रवाई करने और ट्रैफिक व्यवस्था को पूरी तरह सुचारु बनाए रखने की सख्त हिदायत दी गई।
मानसून में अलर्ट मोड पर आपदा प्रबंधन तंत्र
मानसून के दृष्टिगत सतर्कता बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को आपदा प्रबंधन तंत्र को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी प्रशासनिक अधिकारी अपने फोन चालू रखें और किसी भी परिस्थिति में संपर्क से बाहर न रहें। अत्यधिक वर्षा या भूस्खलन के कारण जहां भी सड़कें या ड्रेनेज सिस्टम क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनका तुरंत ब्योरा तैयार कर मानसून खत्म होते ही प्राथमिक आधार पर मरम्मत कार्य शुरू किए जाएं।
15 अक्टूबर तक गड्ढामुक्त होंगी प्रदेश की सड़कें
सड़कों की खराब स्थिति पर कड़ा रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून समाप्त होते ही पूरे प्रदेश में सड़कों को गड्ढामुक्त करने का अभियान चलाया जाएगा। जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इसके लिए कार्ययोजना तैयार कर निगरानी समितियां गठित करें और 15 अक्टूबर तक हर हाल में प्रदेश की सभी सड़कों को गड्ढामुक्त बनाएं। इसके अलावा, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत 5 वर्ष की अवधि पूरी कर चुकी जर्जर सड़कों के सुधारीकरण और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें लोक निर्माण विभाग (PWD) को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया तेज करने के आदेश दिए गए।
जन-सेवा, सत्यापन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर जोर
मुख्यमंत्री ने ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम के तहत दूरस्थ क्षेत्रों में शिविर लगाकर सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाने और आयुष्मान व राशन कार्ड जैसी योजनाओं में अपात्रों का चिन्हीकरण कर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। 1905 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की नियमित समीक्षा के साथ-साथ कृषि, बागवानी और पशुपालन योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर बल दिया गया।
इस उच्चस्तरीय बैठक में प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत, गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप, कुमाऊं आईजी निवेदिता कुकरेती, गढ़वाल आईजी राजीव स्वरूप सहित सभी जनपदों के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक मौजूद रहे।
