मुख्य सचिव ने प्रत्येक माह के पहले मंगलवार को जिला-शासन समन्वय बैठक आयोजित करने के दिए निर्देश
जनपदों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण तथा शासन और जिला प्रशासन के अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से एक नई व्यवस्था लागू की गई है। मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने प्रत्येक माह के पहले मंगलवार को शासन एवं जनपद स्तर के अधिकारियों के मध्य नियमित समन्वय बैठक आयोजित करने के निर्देश जारी किए हैं।
वर्चुअल माध्यम से होगा समस्याओं का ऑन-द-स्पॉट निस्तारण
इस व्यवस्था के अंतर्गत जिलाधिकारी अपने-अपने जनपदों से संबंधित उन समस्याओं एवं प्रकरणों को संबंधित विभागों के समक्ष रख सकेंगे, जिनके निस्तारण के लिए शासन स्तर पर निर्णय या अंतर-विभागीय समन्वय की आवश्यकता होती है। प्रत्येक माह के प्रथम मंगलवार को यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंस (VC) के माध्यम से आयोजित की जाएगी, जिसमें संबंधित जनपद और विभागीय अधिकारियों के साथ सीधे चर्चा कर यथासंभव मौके पर ही समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
बैठक से पूर्व विभागों को भेजी जाएगी समस्याओं की सूची
मुख्य सचिव ने यह स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जनपदों द्वारा चिन्हित की गई समस्याओं और प्रकरणों को समन्वय बैठक आयोजित होने से पहले ही संबंधित शासन स्तरीय विभागों को उपलब्ध करा दिया जाए। इससे संबंधित विभाग पूरी जानकारी, तैयारी और आवश्यक कार्यवाही के साथ बैठक में सम्मिलित हो सकेंगे, जिससे निर्णय लेने में अनावश्यक देरी न हो।
शासन और जिलों के बीच प्रभावी तालमेल पर जोर
मुुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य जनपद स्तर पर आने वाली प्रशासनिक व जन-समस्याओं के समाधान में होने वाले विलंब को समाप्त करना तथा शासन व जिलों के बीच सुदृढ़ समन्वय स्थापित करना है। उन्होंने सभी सचिवों को कड़े निर्देश दिए कि जिलों से प्राप्त प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए, ताकि आमजन से जुड़े विषयों का शीघ्र अति शीघ्र निस्तारण हो सके।
बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति
समन्वय व्यवस्था के संबंध में आयोजित इस बैठक के दौरान शासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री एल. फ़ैनई, विशेष प्रमुख सचिव श्री अमित सिन्हा, सचिव श्री शैलेश बगौली, श्री नितेश कुमार झा, श्री दिलीप जावलकर, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, श्री चंद्रेश कुमार यादव, डॉ. वी. षणमुगम, डॉ. आर. राजेश कुमार, श्री विनोद कुमार सुमन, सुश्री ज्योति यादव, श्री रणवीर सिंह चौहान, श्री धीराज सिंह गर्ब्याल एवं श्री राजेंद्र कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
