CM धामी ने 101 युवाओं को बांटे नियुक्ति पत्र: बोले– “पशुपालन और गन्ना विकास ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़, UP से ₹5 ज्यादा दे रहे गन्ना मूल्य”

स्थान: देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में पशुपालन विभाग तथा गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग में चयनित 101 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इन नवनियुक्त कार्मिकों में 88 पशुधन प्रसार अधिकारी तथा 13 गन्ना पर्यवेक्षक शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने सभी युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नियुक्ति पत्र प्राप्त करना युवाओं के परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का सुखद परिणाम है। आज से वे राज्य सरकार का अभिन्न अंग बनकर जनसेवा की एक नई यात्रा शुरू कर रहे हैं।

“ग्रामीण अर्थव्यवस्था और मातृशक्ति के सशक्तीकरण का आधार है पशुपालन”

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पशुपालन और गन्ना विकास विभाग सीधे तौर पर राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े हैं।
  • पर्वतीय क्षेत्रों का विकास: पर्वतीय इलाकों में पशुपालन हजारों परिवारों की आजीविका, मातृशक्ति के आर्थिक सशक्तीकरण और गांवों की समृद्धि का मुख्य आधार है।
  • प्रमुख योजनाएं: सरकार मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना, मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना और मुख्यमंत्री राज्य पशुधन मिशन के जरिए इस क्षेत्र को लगातार मजबूती दे रही है।
  • अनुदान व सुविधाएं: पशुपालकों को गाय, बकरी, भेड़ और मुर्गी पालन की इकाइयां सब्सिडी (अनुदान) पर दी जा रही हैं, साथ ही कृत्रिम गर्भाधान, टीकाकरण और बेहतर पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

“गन्ना किसानों के लिए UP से ₹5 प्रति कुंतल अधिक मूल्य”

गन्ना किसानों के हितों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा:
  1. पारदर्शी व्यवस्था: राज्य में गन्ना सर्वेक्षण प्रक्रिया को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया गया है।
  2. गन्ना क्लीनिक: किसानों को नई तकनीक, उन्नत प्रजातियों और वैज्ञानिक खेती की जानकारी देने के लिए ‘गन्ना क्लीनिक एवं परामर्श केंद्र’ शुरू किए गए हैं।
  3. बेहतर मूल्य: उत्तराखण्ड सरकार गन्ना किसानों को उत्तर प्रदेश की तुलना में ₹5 प्रति कुंतल अधिक मूल्य दे रही है।

‘सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि’ का दिया मूलमंत्र

मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त कार्मिकों से संवाद करते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्ति तक पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचाना उनकी प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों व कर्मचारियों को ‘सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि’ के मूलमंत्र को आत्मसात करने की सलाह दी, ताकि आम नागरिक को अपने काम के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।

ये गणमान्य रहे उपस्थित

कार्यक्रम के दौरान पशुपालन व गन्ना विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक खजानदास, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक सविता कपूर, विधायक दुर्गेश्वर लाल, सचिव एस.एन. पाण्डेय सहित विभागीय अधिकारी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।