बिलखेत (पौड़ी गढ़वाल): उत्तराखंड की शांत वादियों और कलकल बहती नयार नदी के तट पर आज साहसिक पर्यटन के एक नए युग का सूत्रपात हुआ। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद पौड़ी गढ़वाल के बिलखेत में आयोजित ‘नयार वैली फेस्टिवल’ का विधिवत शुभारंभ किया। इस महोत्सव का उद्देश्य नयार घाटी की पर्यटन, संस्कृति और साहसिक गतिविधियों की अपार संभावनाओं को विश्व पटल पर नई पहचान दिलाना है।
साहसिक खेलों का रोमांच और नई घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने महोत्सव के दौरान पैराग्लाइडिंग, पैरामोटरिंग, हॉट एयर बैलून, माउंटेन बाइकिंग, कयाकिंग, एंगलिंग और जिपलाइन जैसी रोमांचक गतिविधियों को झंडी दिखाकर (फ्लैग ऑफ) रवाना किया।
क्षेत्र के विकास को गति देने के लिए मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं:
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पैराग्लाइडिंग प्रशिक्षण केंद्र: नयार घाटी में युवाओं को साहसिक खेलों में दक्ष बनाने के लिए एक अत्याधुनिक ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना की जाएगी।
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धार्मिक पर्यटन का सुदृढ़ीकरण: विकासखंड पोखड़ा (रसलवाँण दीवा मंदिर), बीरोंखाल (कालिंका मंदिर), एकेश्वर (एकेश्वर महादेव) और पाबौ (चम्पेश्वर महादेव) में मंदिर सौंदर्यीकरण और विकास कार्यों को मंजूरी दी गई।
स्थानीय स्वरोजगार और अर्थव्यवस्था पर जोर
मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया और लाभार्थियों को किट व उपकरण वितरित किए। स्थानीय महिला समूहों से संवाद करते हुए उन्होंने कहा:
“नयार घाटी प्राकृतिक सौंदर्य से समृद्ध है। ऐसे आयोजनों से न केवल पर्यटन बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार के द्वार खुलेंगे और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।”
अंत्योदय और बुनियादी विकास का संकल्प
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन का जिक्र करते हुए सीएम धामी ने दोहराया कि राज्य सरकार ‘अंत्योदय’ (अंतिम व्यक्ति तक विकास) की भावना से कार्य कर रही है। उन्होंने क्षेत्र में सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता जताई। साथ ही, उन्होंने आगामी होली पर्व की सभी क्षेत्रवासियों को अग्रिम शुभकामनाएं भी दीं।
कार्यक्रम में गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर पर्यटन मंत्री श्री सतपाल महाराज, विधायक श्री राजकुमार पोरी, जिला पंचायत अध्यक्षा श्रीमती रचना बुटोला सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी—जिलाधिकारी श्रीमती स्वाति एस भदौरिया और एसएसपी श्री सर्वेश पंवार—मौजूद रहे।
